आज 29  मई गूगल डूडल बनाया गया है  एक प्रतिष्ठित  वैज्ञानिक spl sorenson के सम्मान में

आज 29 मई गूगल डूडल बनाया गया है एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक spl sorenson के सम्मान में

आज 29 मई गूगल डूडल बनाया गया है एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक spl sorenson के सम्मान में  today 29 may google doodle एक रसायन वैज्ञानिक को सम्मान देने के लिए doodle बनाया है ,कौन थे ये वैज्ञानिक spl sorenson biography hindi  एसपीएल सोरेनसेन के बारे में पांच बातें जो आपको जाननी चाहिए .google doodle  में आज एसपीएल सोरेनसेन को सम्मान दिया गया है ये पहले व्यक्ति थे जिन्होंने ph scale  दुनिया के सामने पेश किया. एसपीएल सोरेनसेन ने पदार्थों की अम्लता को मापने के लिए पैमाना बनाया  जिसका आज भी प्रयोग किया जाता है.

पूरा नाम — सोरेन पेडर लॉरीट्ज सोरेनसेन (  Soren Peter Lauritz Sorensen )
जन्म — 9 जनवरी 1869
मृत्यु — 12 फरबरी 1939
जन्म स्थान — हैवरबर्ग
पत्नी — मार्गरेहे होयूर सोरेनसेन

उनके पिता एक इंसान थे spl sorenson 18 साल की उम्र में कोपेनहेगन विश्वविद्यालय में अपनी पढ़ाई शुरू की थी।शुरुआत में उनकी रूचि दवाईओं के क्षेत्र में थी ,वो मेडिसिन को अपने करियर बनाना चाहते थे.

जब उनकी मुलाकात मशहूर वैज्ञानिक जोर्जेंसन से हुयी तो बहुत प्रभावित हुए और फिर उनसे रसायन शास्त्र का परीक्षण लेने लगे ,अब उनकी महत्वकांक्षा बदल गयी थी उन्होंने रसायन शास्त्र को अपने जीवन ला लक्ष्य बना लिया .



उनको रोजगार चाहिए था इस लिए उन्होंने प्रयोग शाला में समय बिताने की बजाए अपनी शिक्षा और डिग्री की तरफ ध्यान दिया डॉक्टरेट का अध्ययन करते समय,

उन्होंने डेनिश पॉलिटेक्निक संस्थान की प्रयोगशाला में रसायन शास्त्र में सहायक के रूप में कार्य किया और डेनमार्क के भूगर्भीय सर्वेक्षण में सहायता की .उन्होंने कुछ समय शाही नौसेना के डॉकयार्ड में सलाहकार के रूप में काम किया .

1875 में कार्ल्सबर्ग ब्रूवरी संस्थापक जेसी जैकबसेन ने जैव रासायनिक ज्ञान को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से प्रयोगशाला खोला  एसपीएल सोरेनसेन 1901 से 1938 तक  इस प्रयोगशाला में रासायनिक विभाग के निदेशक बने रहे .

इसी दौरान 1909 में उन्होंने पदार्थों की अम्लता को मापने केलिए दो पैमाने बिकसित किये पह स्केल इनमे सबसे ज्यादा पर्सिद है जिसके द्वारा , दवाइयां ,पानी ,केमिकल का निरिक्षण कर के उसकी अम्लता के बारे में पता लगाया जाता है .

इनकी पत्नी ने भी विज्ञानं की पढ़ाई की थी कार्ल्सबर्ग प्रयोगशाला में काम करते हुए, पति पत्नी ने ने लिपोप्रोटीन का अध्ययन किया और कार्बन मोनोऑक्साइड और हीमोग्लोबिन के परिसरों का शोध की

1917 में, सफलतापूर्वक क्रिस्टलाइज करने वाले पहले व्यक्ति बन गए इस काम का श्रेय मार्गरेहे होयूर सोरेनसेनऔर सोरेन पेडर लॉरीट्ज सोरेनसेन दोनों को जाता है



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