self confidence कैसे बढ़ाये -how to improve self confidence most important talk

self confidence कैसे बढ़ाये -how to improve self confidence most important talk





सेल्फ कॉन्फिडेंस मीन्स आत्म विश्वास ,आज के युवा इतने ज्यादा ओवर कॉन्फिडेंस शायद ही कोई ऐसा विरला होगा ,जिसमे आत्म विश्वास की कमी हो, अगर आपमें आत्म विश्वास की कमी है तो इसका सीधा मतलब है आपके अंदर नेगेटिवटी है , आप सोचते है आप ये काम नहीं कर सकते ,आप अपने मन से खुद को कमजोर और दूसरों को अपने ग्रेट समझते है ,self confidence कैसे बढ़ाये




लौ सेल्फ कॉन्फिडेंस के कई पहलु हो सकते है ,किस फील्ड में आपको कमी लगती है ,स्टेज में जाने से , घबराहट होती है या किसी ऊँचे ओहदे पर बैठे वियक्ति से बात करने में झिझक होती है ,या किसी ताक़तवर वियक्ति से बात करने से डरते है या किसी एग्जाम में जाने से पेट में दर्द शुरू हो जाये ,कही अकेले सफर करने से भी घबराते है , decision लेने में समस्या आती है .

कोई नया बिज़नेस शुरू करने से पहले डरते है ,मैं ये कर भी पाउँगा या नहीं ,या आपको ये बिश्वास नहीं है ,के मैं अपना फ्यूचर बना पाउँगा या नहीं . इंटरव्यू ,कॉम्पिटिशन ,क्लास में सबसे पीछे की बेंच में बैठना भी लौ कॉन्फिडेंस की निशानी है,इनके और बहुत सरे पहलु हो सकते है .

हमने देखा है, कोई वियक्ति एक फील्ड में lack of  कॉन्फिडेंस दिखता है , तो वही वियक्ति दूसरी फील्ड में उसका कॉन्फिडेंस इतना ज्यादा हाई होता है, के आप कल्पना भी नहीं कर सकते ,आप किस फेल्ड को चुनेगे जिस में आपका कॉन्फिडेंस हाई है ,या जिसमे लौ है ,सही कहा जिसमे हमारा कॉन्फिडेंस हाई होगा हम उसी फील्ड को चुनते है ,अपनी लाइफ में सक्सेस होने के लिए .

  self confidence कैसे बढ़ाये  how to improve self confidence most important talk

 

,आतम विश्वास में कमी ये सारा खेल माइंड का है ,हमने अपना माइंड सेट ऐसे बना लिया है के खुद को डराते रहते है , कोई दूसरा हमे रोके हम खुद को रोक देते है ,नहीं मैं ये नहीं कर सकता ,बस  यही से u turn ले लो ,जब भी आपके माइंड में आये के ,मैं ये नहीं कर सकता ,तो अपने मन को गुस्से से समझाओ , मैं ये कर सकता हु , i can do it .

मेरे कहने का भाव के अपने माइंड में नेगेटिव बात आने मत दो .हम कई बार दूसरे वियक्ति की तरह बनने की कोशिश करते है , के फलां वियक्ति में आतम विश्वास बहुत ज्यादा है, जो वो करता है मैं भी वैसा करूँगा .no, never do this  , क्यों के आप उसकी तरह कभी नहीं बन सकते ,उसकी अपनी क्वालिटी है ,आपकी अपनी क्वालिटी है ,वो अपनी जगह ग्रेट है आप अपनी जगह ग्रेट है ,




 

लेकिन सवाल ये पैदा होता है के हमारे अंदर आतम विश्वास की कमी होती क्यों है ,इसके भी कई कारन है ,हमारा शरीर दुसरो से कमजोर है , हम खुद को निर्बल महसूस करते है ,शारीरिक कमजोरी को दूर करे ,जिम जाये ,हेल्थी फ़ूड खाये , कई बार बहुत हेल्थी और तगड़े लोग भी ,लौ कॉन्फिडेंस का शिकार हो जाते है ,दुबले पतले लोग ऐसे  काम कर जाते है जो एक स्वस्थ वियक्ति नहीं कर सकता ,

.एक सीक्रेट मैं आपको  बता दू ,कई बार आपने नोट किया होगा ,कुछ लोग रिस्क लेने में बहुत आगे होते है ,चाहे कोई भी फील्ड हो ,ऐसे लोग रिस्क लेने से नहीं डरते .इसका कारन है ,उनके ब्रेन में एक ख़ास किसम के हॉर्मोन का स्तर ऊँचा होता है ,
जिस कारन वो रिस्की और ब्रेव हो जाते है .

ऋतिक रोशन और सोनू सूद इनको कौन नहीं जानता ,सोनू सूद का इंटरव्यू सुना तो उन्होंने बताया के शुरुआती दिनों में, कॉन्फिडेंस लेवल हाई करने के लिए वो शूट से पहले ओंकार का उच्चारण किया करते थे ,ऋतिक रोशन भी  प्राणायाम करते  ,ओंकार के उच्चारण और प्राणायाम से हमारे ब्रेन में उस हॉर्मोन का स्तर बढ़ने लगता है, जो हमें ब्रेव बनाता है ,कॉन्फिडेंस लेवल हाई करता है ,

एक बार आप अपने aim में सक्सेस हो गए तो फिर आपका कॉन्फिडेंस लेवल कभी कम न होगा ,




 

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