सारस्वतारिष्ट की जानकारी हिंदी में – स्त्रिओं के लिए लाभकारी आयुर्वेदिक ओषधि

By | June 16, 2018





sarsvtarisht ki jankari hindi me sarsvtarisht ke fayede or nuksan  कीमत लाभ और उपयोग विधि , सारस्वतारिष्ट की जानकारी हिंदी में – स्त्रिओं के लिए लाभकारी आयुर्वेदिक ओषधि , मासिक धर्म के विकारों को करे ठीक  ,बच्चों के लिए भी लाभकारी. इसके सेवन से आयु और बुद्धि की वृद्धि होती है स्मरणशक्ति ,कान्ति में इज़ाफ़ा होता है ,सारस्वतारिष्ट के सेवन से हृदय के रोग ठीक हो जाते है ,बच्चे से लेकर बूढ़े स्त्री पुरुष जवान सबसे के लिए हितकारी है.

sarsvtarisht ki jankari

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दिव्या सारस्वतारिष्ट में निम्न ओषधिओं का संयोग है :- 

  1. ब्राह्मी
  2. शतावर
  3. विदारीकंद
  4. बड़ी हर्र
  5. खस
  6. अदरख
  7. सोंफ
  8. स्वर्णपत्र
  9. वच
  10. कूठ
  11. असगंध
  12. बहेड़ा
  13. शहद
  14. वायविडंग
  15. दाल चीनी
  16. निशोथ
  17. छोटी पीपल
  18. लौंग
  19. धाय के फूल
  20. रेणुका
  21. गिलोय
  22. छोटी इलाची

निर्माता :

सारस्वतारिष्ट कई अच्छी कम्पनीओ द्वारा बनाया जाता है , पतंजलि , बैद्यनाथ , झंडू ,धन्वंतरि , डाबर आदि आप अपनी समझ से किसी भी कंपनी का सारस्वतारिष्ट ले सकते है

सेवन और उपयोग विधि

खाना खाने के एक घंटा बाद , 1 तोला या 15 ml सारस्वतारिष्ट लेकर उसमे बराबर मात्रा में पानी मिला कर पियें  दिन मे दो बार पीना चाहिए.



सारस्वतारिष्ट के चमत्कारी लाभ

महिलाओं के लिए

मासिक धरम की गड़बड़ी के कारन कई बार को चक्र आने लगते है नज़रों के सामने की हर एक चीज घूमती हुयी महसूस होती है , आंखे बंद करने पर सब ठीक लगता है ,घबराहट अशांति ,नींद न आना बेहोशी ,सभाव चिड़चिड़ा और जल्दी गुस्सा आ जाना , किसी की बात अच्छी न लगना , महिलाओं को मासिक धरम ठीक से नहीं होता हो  , कभी कम कभी ज्यादा ,मासिक धरम सही तिथि में न आये तो ये सब उपद्रव होने लगते है.  इन सब विकारों को ठीक करने के लिए सारस्वतारिष्ट का सेवन 3 महीने तक लगातार करना चाहिए .

बच्चों के लिए भी लाभकारी

छोटे बच्चों को कुछ दिनों तक लगातार इसका सेवन करवाने से उनकी स्मरणशक्ति तेज हो जाती है ,आँखों की रौशनी बढ़ती है , थोड़ा तुतला के बोलते है उनको भी इसका सेवन करवाना चाहिए इससे उनकी बोली साफ़ हो स्पष्ट हो जाती है ,





कमजोर लड़किओं के लिए भी लाभकारी

यौवना अवस्था पहुँचने पे भी जिन लड़किओं के मासिक धर्म की शुरुआत नहीं हुयी ,शरीर दुबला पतला ,हो वक्ष आदि अंगो की बृद्धि न हुयी हो खून की भी कमी हो उनको रजपर्वतनी वटी के साथ सारस्वतारिष्ट का सेवन करना चाहिए इसके सेवन से गर्भाशय और बीजाशय दोनों तंरुस्त हो जाते है.

पुरुषों के इन रोगो में होता है फायदा

पुरुष अगर इसका सेवन करते है तो उनके चेहरे की रौनक बढ़ने लगती है ओजवृद्धि होती है , खुरदरी आवाज़ मधुर हो जाती है ,शुक्र जन्य जितने भी विकार है वो सब ठीक हो जाते है नवयौवन आ जाता है। मानसिक थकान को दूर करता है , अच्छी नींद लाने के लिए इसका सेवन करना चाहिए। जो लोग अधिक पड़ने लिखने का काम करते है ,उनको दिमाग तेज करने के लिए sarsvtarisht ka सेवन करते रहना चाहिए इसमें व्रह्मी और वच का संयोग होने से याददास्त तेज करता है.

सरस्वतारिश के नुक्सान

इसको पिने से किसी भी प्रकार का कोई नुक्सान नहीं है फिर भी  गर्भावस्था में इसका सेवन डॉक्टर की देख रेख में करना चाहिए ,सुगर और डाइबिटीस के मरीज को सेवन नहीं करना चाहिए





अगर देखा जाये तो sarsvtarisht  पुरे परिवार के लिए के लिए हेल्थ टॉनिक है ,लगातार इसके सेवन से बल की वृद्धि होती  है हृदय मजबूत बनता है छोटे बच्चों को 5 ml सुबहा 5 ml  शाम को बराबर पानी मिलकर पिलायें.

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