राजीव गाँधी की पुण्य तिथि 21 मई – rajiv gandhi punytithi 21 may

राजीव गाँधी की पुण्य तिथि 21 मई – rajiv gandhi punytithi 21 may

राजीव गाँधी की पुण्य तिथि 21 मई – rajiv gandhi punytithi 21 may  rajiv gandhi ki  punytithi आज उस पुण्य महान वयक्तित्व की पुण्य तिथि है जिसने भारत को नयी दिशा दी ,राजीव गाँधी एक नयी सोच के साथ भारत के प्रधान मंत्री बने परन्तु वो नहीं जानते थे जिस सिहासन पर वो बैठने वाले है उसमे कांटे जड़े हुए है पग पग पर उनको रोकने बाली कई नकारात्मक शक्तियां विराजमान है .




पूर्व प्रधान मंत्री साइंस और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देकर भारत को नयी उंचाईओं पर ले जाना चाहते थे ,उस समय राजीव गाँधी जी के फैंसले पर बहुत लोगो ने विरोध जताया था .

देश के सबसे नौजवान नेता का जनम 20 अगस्त 1944.राजीव गाँधी जी की शुरुआती शिक्षा दून स्कूल में हुयी और उच्च शिक्षा के लिए लंदन यूनिवर्सिटी ट्रिनिटी कॉलेज में गए .उसके बाद कैम्ब्रिज में  पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात सोनिया माइनो से हुयी 1969 में उन दोनों ने शादी कर ली.

संजय गाँधी की मृत्यु के बाद राजिव जी को सक्रीय राजनीती में उतरना पड़ा पहला चुनाव उन्होंने अमेठी से जीता था उसके बाद इनकी माता श्री की हत्या के बाद 1984 में राजीव जी को देश का प्रधान मंत्री बनने का सौभाग्य मिला .

इनकी विचार धारा रूढ़ि बादिओं से बिलकुल अलग थी राजीव जी इन्होने देश को एक नए युग में ले जाने का सपना देखा था ,इनके विचारों में टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने की बात थी परन्तु कई पुराने ख्यालात के नेता इनसे सहमत नहीं थे .भारत में कंप्यूटर युग की शुरुआत राजीव जी की ही देन थी ,

हालाँकि राजिव जी टेक्नोलॉजी और विज्ञानं में काफी रूचि रखते थे परन्तु उनको भारतीय राजनीती की जानकारी कम थी जिस कारन उनको राजनितिक पराजय का सामना करना पड़ा . मन के साफ़ और पवित्र छबि के नौजवान नेता पर कई इलज़ाम भी लगे जब तक उनको राजनीती की समझ आती बहुत देर हो चुकी थी लिट्टे के आंतकवादिओं में २१ मई 1991 में एक चुनाव प्रचार के दौरान तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में इनकी हत्या कर दी .

ये आत्मघाती हमला सिर्फ राजीव गाँधी पर नहीं हुआ था ये हमला एक विचार धारा पर हुआ था जो भारत को किस ऊंचाई पर ले जा सकता था इसका अंदाज़ा भी नहीं लगया जा सकता .उनकी इस पुण्य तिथि पर उनको शर्धांजलि देने के लिए हमने एक नाकाम कोशिश की है


Leave a Comment