पीसा की मीनार के रहस्य से पर्दा उठा -लीनिंग टावर ऑफ़ पीसा- mystery

पीसा की मीनार के रहस्य से पर्दा उठा -लीनिंग टावर ऑफ़ पीसा- mystery



 

peesa ki minar tedi kyu hai पीसा की मीनार का निर्माण सन 1174 में शुरू किया गया ,तीन मंजिलें बनाने के बाद कारीगरों को पता लगा की ये एक तरफ झुक रही है जिस कारन इसका निर्माण कार्य बंद करना पड़ा किसी  युद्ध के करना इसका निर्माण कार्य फिर से 200 वर्षों के लिए रोकना पड़ा ,इस मीनार का निर्माण  1350 में पूरा हुआ ,इसको गिरिजा घर के घंटा घर के लिए बनाया गया था ,यह मीनार कैथेड्रल स्क्वायर में स्थित है  कैथेड्रल स्क्वायर को 1987 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था ,

  • पीसा की मीनार को लीनिंग टावर ओफ पीसा भी कहते हैं
  • इसे शिल्प का अदभुत चमत्कार माना जाता है.
  • ये मीनार इटली के पीसा नगर में स्थित है
  • 1987 के दौरान इस मीनार को यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल किया गया .
पीसा की मीनार के रहस्य
पीसा की मीनार के रहस्य




पुरे विश्व से लाखो पर्यटक इसे देखने आते हैं .चार बार आए शक्तिशाली भूकंप के बाद भी ये दिवार यूँ की त्यूं खड़ी रही ,विज्ञानिको को अंदेशा था की हलके से भूकंप से भी ये मीनार धराशायी हो जाएगी लेकिन 800 साल से इस मीनार में कोई परिवर्तन नहीं आया .5डिग्री कोण पर झुकी हुयी पीसा की मीनार पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुयी है .

660 फुट ऊँची पीसा की मीनार की आठ मंजिलें है ,चार फुट मोती इसकी दीवारें है ऊपर जाने के लिए तीन सो घुमाव दार सीढ़ियां बनाई गयी हैं ,ऊपर जाकर देखने पर पुरे शहर का और समुन्द्र नजारा दिखाई देता है . इसको सीधा करने के कई विफल प्रयास किये गए ,पिछली बार 16 इंजीनियरों  ने खोज से पता लगाया है की पीसा की मीनार की नीव में नरम मिटटी है जो भूकंप के झटको के बाबजूद इसको गिरने नहीं देती .

दस वर्षो तक चली एक परियोजना में इस मीनार की विपरीत दिशा से 70 टन मिटटी खोदी गयी ताकी इसको सीधा किया जा सके जब ये काम ख़तम हुआ तो इंजीनियरों ने माना के इस मीनार में सिर्फ 48 सेंटीमीटर का फर्क पड़ा है ,अब ये मीनार 48 सेंटीमीटर सीधी हो चुकी है लेकिन इस परियोजना को इस लिए बंद करना पड़ा ताकी सीधा करने के चक्र में कही इसको कोई नुकसान न पहुँच जाये

हालाँकि इंजीनियर इसे सीधा करना नहीं चाहते वो तो सिर्फ ये चाहते है के अगले 200 साल तक ये निआर यूँ ही तिरछी खड़ी रहे ,ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक इसे देखने आएं .1990 में पीसा की मीनार को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था जिससे उनकी आय पर काफी असर पड़ा ,2001 में इस फिर से खोल दिया गया ,

इसका तिरछा खड़ा रहने का एक वैज्ञानिक कारन भी है .कोई भी इमारत अपने सेण्टर ऑफ़ ग्रेविटी के कारन सीधा खड़ा रहती है हो सकता है जो मीनार देखने में तिरछी है परन्तु उसका सेण्टर ऑफ़ ग्रेविटी ही उसे सीधा खड़ा रखे हुए है.




 

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