Laws of Rhythm  in hindi

Laws of Rhythm in hindi

 




Laws of Rhythm   ब्रह्माण्ड में कई नियम काम कर रहे हैं , जिनकी चर्चा पहले कि पोस्ट की गयी हैं ,इन नियमों को किसी ने बनाया नहीं हैं , ये प्रकृति के बनाये हुए हैं , अर्थात कुदरती हैं इनमे से एक नियम हैं Laws of Rhythm  ये नियम हमें सिखाता हैं के पूरे ब्रह्माण्ड में एक किस्म कि लहर दोड़तीं रहती हैं जैसे कि समन्दर कि लहरे किनारे कि तरफ दोड़ती हैं फिर पीछे लोट जाती हैं फिर आती हैं जाती हैं .उसी तरह ब्रह्माण्ड में भी एक तरह की लहर हैं rythm हैं ,जो एक छोर से दूसरे छोर तक .फिर लोट कर बापस आती हैं .पेंडुलम की तरह .

Laws of Rhythm in hindi

हर एक चीज में कम्पन होता हैं ,सबमें कुछ rythm होता हैं यही rythm ,ऋतुओं ,मौसम ,विकास ,लाता हैं ,अगर आपने ने विज्ञान की study की हैं तो आप इसके बारे में भली भांति परिचित होंगे .की छोटे से छोटे अनु में भी rythm हैं उसमे भी ताल हैं .

अगर आप ने प्रैक्टिकल नहीं किया तो आपको एक उपाय बताता हू , आप आपने दिमाग में देखिये क्या सोच रहा हैं कभी एक बिचार आता हैं कभी दूसरा विचार हमेशा विचारों की  लहरे दोड़ती रहती हैं . अनंत विचार जिनका कोई अंत नहीं ,पैदा होते हैं ख़तम हों जाते फिर उनकी जगह कोई और बिचार आ जाता हैं ,दिमाग कभी सोचना बंद नहीं करता . सोते हुए भी दिमाग सोचता हैं ,वही बिचार हमें सपनो की हक़ीक़त लगते हैं .

Laws of Rhythm and success 

अगर आप न भी सोचे तो दिमाग सोचता रहेगा अपने आप .जनम से मृत्यु तक ,अब आपके सामने दो रास्ते हैं या तो युहीं चलने दो जो हों रहा हैं ,या इस नियम को इस कानून को अपने successfull life की लिए ढाल लो ,उसको अपनी opportunity में तब्दील कर लो .

The Law of Cause and Effect  कारण और प्रभाव का कानून

अब आपके मन में सवाल आएगा की वो कैसे .इसका एक उदाहरण मैंने पिछली पोस्ट में दिया था .न्यूटन क़े सामने एक सेब गिरा ,तो उन्होंने law of gravity  की खोज कर दी ,आपके सामने पेड़ से सेब गिरता तो आप क्या करते ,सही हैं उठा क़े खा लेते , यहाँ सारा खेल दिमाग में उठ रही लहरों का हैं ,उन्होंने उस मौके का फायदा उठाया ,अपने दिमाग की लहरों को स्वता न चलने दिया , उनको काबू  कर  उस बात पर गहन अध्यन किया ,फिर नतीजे पर पहुंचे .



अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने क़े लिए आपको Laws of Rhythm को काबू में करना हैं , अब आपके दिमाग में जो विचारों की लहरे दौड़ रही हैं बहुत चालाकी से उनमे अपने जीवन का लक्ष्य भर दें.लेकिन पहले आपको अपने जीवन का लक्ष्य मालूम तो हों .

इन लहरों में नकारात्मक और सकारात्मक दो पहलू होते हैं ,जानकर जानते हैं , कभी भी नकारात्मक ऊर्जा को अपनी चेतना में प्रवेश नहीं होने देना ,वे जानते हैं क़े कामयाबी बैलेंस में हैं , कभी अपनी भावनाओं को पेंडुलम की तरह दाएँ या बायें ज्यादा घूमने की अनुमति न दें ,
जीवन में सुख दुःख आते हैं ,सुख और दुःख समनदर की लहरों की तरह हैं ,सुख आने पर ज्यादा खुश न हों और दुःख आने पर ज्यादा दुखी न हों.हमेशा सम की स्थिति मे रहें.



Leave a Comment