kya hai Solar Charkha Mission – सोलर चरखा मिशन क्या है : पूरी जानकारी यहाँ से पाएं

By | July 1, 2018




kya hai Solar Charkha Mission – सोलर चरखा मिशन क्या है : पूरी जानकारी यहाँ से पाएं आप नाम से ही समझ गए होंगे सोलर चरखा ,सोलर एनर्जी से चलने वाला कोई उपकरण है ,परन्तु सोलर चरखा मिशन क्या है आईये जानते है पूरी खबर ,भारत के ममाननीय राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने कुछ दिन पहले ही सोलर चरखा मिशन की शुरुआत की है.

इस मिशन का मकसद कारीगरों के जीवन स्तर में सुधार करना है , ग्रामीण क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा ,अनुमान लगाया जा रहा है , कम से कम ग्रामीण इलाके के 500,000 लोगों को रोजगार मुहैया करवाया जायेगा .जिस से कारीगरों की आय में वृद्धि होगी ,

क्या है फायदे सोलर चरखा मिशन का :-

इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा होगा और हरित अर्थव्यवस्था में योगदान मिलेगा।

आपको बता दें इस मिशन के तहत सरकार हजारों कारीगरों को 550 करोड़ रुपये की सब्सिडी देगी,

जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा होगा।

इस मिशन के तहत, माइक्रो लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ( MSME ) देश भर में 50 समूहों को पूर्वोत्तर में शामिल करेगा

 प्रत्येक समूह 400 से 2,000 कारीगरों को रोजगार देगा।

इसका अंतिम उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रोजगार पैदा करना

हरित अर्थव्यवस्था में योगदान देना है।

इसका लक्ष्य देश भर में पांच करोड़ महिलाओं को पहल के लिए जोड़ना है।

मिशन से पहले दो वर्षों में एक लाख नौकरियां पैदा करने की उम्मीद है।

MSME राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि देश भर में 15 नए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं,
जिनमें से 10 मार्च 201 9 तक स्थापित हो जाएंगे.




पहले 10 केंद्रों के नाम इस प्रकार हैं :-

  1. भोपाल ( मध्य प्रदेश)
  2. भिवडी (राजस्थान)
  3. रोहतक (हरियाणा)
  4. कानपुर ( उत्तर प्रदेश)
  5. पुडुचेरी
  6. विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश)
  7. बेंगलुरु (कर्नाटक)
  8. सितारगंज (उत्तराखंड)
  9. दुर्ग ( छत्तीसगढ़ )
  10. बद्दी (हिमाचल प्रदेश)

सोलर ऊर्जा से अभिप्राय सूरज की गर्मी से विधुत पैदा की जाएगी और उससे ग्रामीण इलाकों में लघु खादी उद्योग लगाए जायेंगे ,जहा ग्रामीण कारीगर खादी धागे का उत्पादन करेंगे और उस धागे को खादी वस्त्र जैसे की तौलिए, बिस्तर चादरें, तकिया कवर, धूल के कपड़े आदि का उत्पादन कर के देश भर के सरकारी विभागों, रेलवे विभागों में बेचे जायेंगे.

आपको बता दें की सोलर ऊर्जा ,पारम्परिक ऊर्जा से सस्ती होती है ,इस लिए इस के प्रयोग से जो उत्पादन होगा वो भी कम लागत में त्यार हो जायेगा .




सरकार ने एक और घोषणा की है जल्दी ही किसानो के लिए सोलर ऊर्जा बाले पानी के पंप त का उत्पादन कर के कृषि क्षेत्र को भी सोलर ऊर्जा से जोड़ा जायेगा ,इस से देश में हरित क्रांति का डोर फिर से शुरू हो सकता है

 

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