क्या है निपा वायरस  -निपा वायरस के लक्षण  और उपचार  nipah virus

क्या है निपा वायरस -निपा वायरस के लक्षण और उपचार nipah virus





nipah virus kya hai  केरल के कोझिकोड जिले में चंगारोथ पंचायत में एक ही परिवार के तीन लोगों की दुर्लभ वायरल बुखार के कारण मृत्यु हो गई. संदेह है कि मृत्यु nipah virus  के कारण हो सकती है,

केरल , कोझिकोड जिले के पेरामबरा में एक परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद केरल के उत्तरी हिस्से में घबराहट सरकार ने विशेषज्ञों की एक टीम को जाँच करने लिए कहा.

चमगादड़ों के कारन रोग फैलता है चमगादड़ों के जूठे फल ( खजूर ) खाने से मनुष्य और जानवरों में nipa वायरस की इन्फेक्शन हो जाती है .अभी तक डॉक्टरों के पास इस वायरस का कोई इलाज नहीं है आगे पढ़िए पूरी जानकारी

nipah virus   kya hai 
nipah virus kya hai



निपा  वायरस क्या है nipah virus , मेडिकल साइंस के विकास के समानांतर नए नए रोग भी पनप रहे है जो विज्ञानं के लिए चुनौतियां खड़ी करने में अपनी अहम् भूमिका निभा रहे है .मेडिकल विशेषज्ञ एक रोग का निवारण ढूँढ़ते है तो उनके सामने एक और नया रोग  आ जाता है अब nipah virus  के इन्फेक्शन का खतरा मंडरा रहा जो कभी भी mahamari ( EPIDEMIC ) की तरह फ़ैल सकता है .

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पिछले दिनों इसके इन्फेक्शन से 3 लोगों की मृत्यु हो गयी .निपाः वायरस एक नया रोग है जो मनुष्यों और जानवरों में जानलेबा बीमारी का कारन बन सकता है .nipa virus infection  को  पहली बार 1998 में मलेशिया के एक प्रान्त के कंपुंग  में मरीजों की खून जांच से पहचाना गया था.

nipah virus kya hai

निपा वायरस जानवरों और इंसानो में नया उभरता हुआ एक गंभीर infection  है. WHO की रिपोर्ट , के अनुसार nipa virus infection का उपहार टेरोपस जीनस नामक एक खास नसल के चमगादड़ से मिला है . 1995 में इसके लक्षण सूअरों में देखने को मिले थे 2004 में बांग्लादेश में भी इसके पेशेंट पाए गए .

इस रोग के फैलने का तरीका भी dramatic  है चमगादड़ जिस पेड़ पर रहते है उसके फलों को  संक्रमित करते है जब उस फल को कोई जानवर या मनुषय खा लेता है तो उसको निपा वायरस की इंफेक्शन हो जाती है .




 

मोत की सौगात देने बाले nipah virus   पर प्रचलित एंटीबायोटिक का कोई असर नहीं होता , हानिकारक virus  पर अब एंटीबायोटिक असर नहीं कर रहे . ये  विज्ञानिको के लिए बहुत बड़ी चुनौती है.

nipah virus symptom

मनुष्यों में एनआईवी संक्रमण एन्सेफलाइटिस से जुड़ा हुआ है – मस्तिष्क की सूजन हो सकती है ,बुखार, सिरदर्द, नींद न आना , मन बेचैन रहता है , और मानसिक भ्रम पैदा हो सकता मरीज की सोचने समझने की शक्ति ख़तम हो जाती है ये इसके मुख्य लक्षण हैं nvi से मोत भी हो सकती है । सीडीसी के मुताबिक, निपा वायरस के रोगी 24-48 घंटों के भीतर कोमा में जा सकता है। कुछ मामलों में मरीज को फेफड़ों का इन्फेक्शन और स्वास नलियों में इन्फेक्शन भी हो सकता है.

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nipah virus infection कैसे रोके

nipah  वायरस का अभी तक कोई सटीक उपचार नहीं है इसकी कुछ एलोपैथी दवाईया है रीवाबाएरीन लेकिन वो भी कारगर सिद्ध नहीं हुयी है .ये एक छूत की बीमारी है व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है आपको बता दें की अगर आपके नजदीक nipah  वायरस से पीड़ित कोई रोगी है तो  उनसे दूरी बनाये रखें ,और मरीज को जल्दी से जल्दी डॉक्टर के पास ले जाएँ जानवरों जैसे की सूअर और चमगादड़ों के संपर्क में ना आएं कच्चे खजूर के रस को न पियें और नीचे गिरे हुए फल न खाएं .साबधानी ही आपको इस रोग से बचा सकती है

 




 

36 thoughts on “क्या है निपा वायरस -निपा वायरस के लक्षण और उपचार nipah virus

    • वायरस बहुत छोटे शुक्ष्म रोगाणु होते है जो व्यक्ति के शरीर के सेल को उपयोग कर के अपने जैसे नए वायरस बना लेते है
      वायरस पर किसी भी एंटीबायोटिक का असर नहीं होता
      व्यक्ति की अपनी प्रतिरोधक शक्ति (immune) ही वायरस को शरीर से बाहर निकाल सकती है .

  1. मेरी मम्मी को बुखार आता है । डर लगता है जैसे कोई उनके पास आता है। और उन्हें नींद बहुत ज्यादा आती है ।।।।। इसका क्या मतलब है।।।।।

  2. Mere bete ko jo 13 saal ka hai usko sir me drd rahta hai aur kya isase jukaam bhi hota hai…plz bataye its very important…mere sawal ke ek ek shabd ka answer jarur devein…

    • आपके पहले सवाल का उतर हैं सर दर्द के कई कारण हो सकते हैं , आप अपने बेटे की आँखे eye specialist से चैक करवाएं .
      आपके दूसरे सवाल का उतर इसी article में हैं एक बार दोबारा read करें .

    • कहना मुश्किल है , केरला के काबिल डॉक्टर्स ने इसको काफी हद तक कण्ट्रोल में कर लिया है

    • मनुष्यों में एनआईवी संक्रमण एन्सेफलाइटिस से जुड़ा हुआ है – मस्तिष्क की सूजन हो सकती है ,बुखार, सिरदर्द, नींद न आना , मन बेचैन रहता है , और मानसिक भ्रम पैदा हो सकता मरीज की सोचने समझने की शक्ति ख़तम हो जाती है ये इसके मुख्य लक्षण हैं nvi से मोत भी हो सकती है । सीडीसी के मुताबिक, निपा वायरस के रोगी 24-48 घंटों के भीतर कोमा में जा सकता है। कुछ मामलों में मरीज को फेफड़ों का इन्फेक्शन और स्वास नलियों में इन्फेक्शन भी हो सकता है.

  3. Mujhe khasi aa rahi hai aur thoda bukhar and sir dard bhi ho raha hai to kya ye nipah virus ke lachchad hai

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