kon thi gauhar jaan – गोहर जान कौन थी , जाने पूरी खबर

By | June 26, 2018



kon thi gauhar jaan  गोहर जान कौन थीक्यों गूगल ने उनको सम्मान दिया  गूगल ने आज फिर एक भारतीय महिला को सम्मान देने के लिए है ,जिनका नाम है गौहर जान , गौहर जान का जन्म 26 जून, 1873, एंजेलीना यियोवार्ड के नाम से हुआ था। उनके पिता, रॉबर्ट विलियम यियोवार्ड थे , वे एक बर्फ कारखाने में एक इंजीनियर के रूप में काम करते थे ,गौहर जान के माता पिता की शादी 1872  में हुयी थी ,

gauhar jaan biography hindi

जनम तारीख :- 26 जून 1873
बचपन का नाम :- Angelina Yeoward
पिता का नाम :-   रॉबर्ट विलियम यियोवार्ड
माता का नाम :-Victoria Hemmings
मृत्यु :-  17 January  1930

वह पहली ऐसी भारतीय गायिका थीं, जिनके गीतों के रिकॉर्ड्स बने थे। 1902 से 1920 के बीच द ग्रामोफोन कंपनी ऑफ इंडिया ने गौहर के हिन्दुस्तानी, बांग्ला, गुजराती, मराठी, तमिल, अरबी, फारसी, पश्तो, अंग्रेजी और फ्रेंच गीतों के छह सौ डिस्क निकाले थे।



उनका रुतवा ऐसा था कि रियासतों और संगीत सभाओं में उन्हें बुलाना प्रतिष्ठा का प्रश्न हुआ करता था। तमाम शोहरत और दौलत के बावजूद गौहर का निजी जीवन दुखों भरा था  love  में धोखा खाने के बाद वह पूरा जीवन अविवाहित रहीं। अकबर इलाहाबादी ने एक दफा कहा था – ‘गौहर के पास शौहर के अलावा सब कुछ है।‘ मैसूर रियासत की दरबारी गायिका रहते हुए 1930 में उनका इंतकाल हो गया।

गोहर जान का बचपन :-

गौहर जान का बचपन का नाम एंजेलिना Yeoward था ,जब बाह बहुत छोटी थी तो उनके माता पिता का तलाक़ हो गया , जिससे माँ बेटी की जिंदगी में बहुत कठिनाईया आयी ,1881 में गौहर जान की माता ने एक मुस्लिम से शादी कर ली जिनका नाम खुर्शीद था ,शादी के बाद  विक्टोरिया हेमिंग्स ने अपना नाम बदल कर मलिका जान और बेटी का नाम गौहर जान रख लिया .

गौहर जान ने संगीत कैसे सीखा :-

गौहर जान की माता को भारतीय संगीत और नृत्य में महारत हासिल थी , तलाक़ के बाद जब गरीबी के दिन ए तो उन्होंने संगीत को अपने जीवन का लक्ष बनाया , समय के साथ साथ उनकी माँ के करियर और जीवन में अच्छे दिनों की आहट हुयी. जहाँ उन्होंने अपनी माँ के साथ गायन एवं न्रत्य कला को सीखा. ये कलाए उन्होंने बहुत ही महान गुरुयो और व्यक्तियों के द्वारा सीखी जिनमे है – रामपुर के उस्ताद वजीर खान, कलकत्ता के प्यारे साहिब, लखनऊ (कथक) के महान महाराज बिंदड़िन, धृपद, धमार, चरण दास.

उस समय कुछ लोगो ने उनकी कला के अदृभुत स्वरों को सुना और नृत्य को देखा तो कुछ लोगो ने इसी कला के द्वारा जरुरत से ज्यादा पैसा कमाने वाली महिला के रूप में देखा. शायद उनकी उस दौर की संपत्ति उनके उस दौर के प्रदर्शन से ही मेल खाती थी। क्युकी आज भी उनकी ग्रामोफ़ोन रिकॉर्डिंग का कोई मूल्य नहीं दे सकता.ये थी भारत की एक पहेली अर्थात भारत की पहली महिला रिकॉर्डिंग सिंगर – सम्मानीय गौहर जान .

उनके द्वारा गाये गीतों को पहली बार 1902 में ग्रामोफ़ोन कंपनी ने रिकॉर्ड किया था ,उनके प्रत्येक रिकॉर्ड के 3000 रूपये मिले थे ,उनकी कुछ चुनी हुई रिकॉर्डिंग एचएमवी के चेयरमैन चॉइस और सांग्स ऑफ़ मिलेनियम सीरीज आज भी उपलब्ध है।साल 1902 से लेकर 1920 तक उनके हिंदुस्तानी, बंगला, गुजराती, मराठी, तमिल, अरबी, फारसी, पश्तो, अंग्रेजी और फ्रेंच गीतों के 600 डिस्क निकले।




गौहर जान अपने जमाने से बहुत आगे रखती थी ,हजारों लाखों लोगो ने उस जमाने में उनकी आवाज़ को सुना नैऋत्य देखा ,कुछ लोग ने उनकी सराहना की और कईओ ने अपशब्द बोले , महिला धन इक्क्ठा कर रही है से १०० साल पहले रिकॉर्ड की गयी आवाज़ आज भी अमूल्य है

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