दुनिया के अद्भुत रहस्य जिनको विज्ञानं भी नहीं सुलझा सका

दुनिया के अद्भुत रहस्य जिनको विज्ञानं भी नहीं सुलझा सका




ब्रह्माण्ड के कई ऐसे अनसुलझे रहस्य है जो विज्ञानं को चुनौती देते है ,आपने कई ऐसी कहानिया सुनी होंगी जिन पर विश्वास करना मुश्किल होता है .ब्रह्माण्ड की हर एक क्रिया के पीछे कोई न कोई कारण होता है ,सूर्य गर्मी क्यों देता है हवा कैसे बहती है ,इंसान मरते क्यों है , एक छोटा सा बीज अंकुरित होने के बाद विशाल वृक्ष कैसे बन जाता है ,रहस्य किसे कहते है,जिस काम( action) के होने का कारण पता न चले दुनिया की नज़र में वो रहस्य बन जाता है.आज हम दुनिया के कुछ ऐसे रहस्य उजागर करने जा रहे है जिनको विज्ञानं भी सुलझा नहीं सका ,

mot ka dance:-

रोमन साम्राज्य में एक बार बहुत अद्भुत घटना घटी एक महिला सड़क के किनारे नाचने लगी ,सुबह से शाम बीत गयी उसने नाचना बंद नहीं किया ,रात के बाद फिर सुबह हो गयी लेकिन वो महिला नाचती रही .कहते है वो महिला लगातार छे दिनों तक नाचती रही ,महीना जुलाई सन 1518 की बात है जब उसने नाचना शुरू किया,एक हफ्ते के भीतर 33 महिलाएं और आ गयी वो भी उसके साथ नाचने लगी .




इस नाच में प्रति दिन 15 लोगो को मृत्यु हो जाती थी हार्ट अटैक से ,थकावट से या स्ट्रोक से लेकिन उन्होंने नाचना बंद नहीं किया ये नृत्य महामारी की तरह फैलने लगा देखते ही देखते 30 दिनों में 450 लोग उस नृत्य में शामिल हो गए बिना रुके वो लगातार नृत्य करते जा रहे थे, जब तक उनकी मृत्यु न हो जाती नाचते रहते .चारो तरफ इसी बात के चर्चे होने लगे ,ये महिलाये मोत का नाच क्यों कर रही है

जब ये बात वहां के राजकुमार को पता चली तो उसने तांत्रिको और ज्योतिषो से पूछा,  लेकिन उन्होंने किसी अलौकिक कारण से इंकार कर दिया फिर चिकित्स्कों से पूछा तो उन्होंने कहा के गर्म मौसम के कारण ऐसा हो रहा है .बिना रुके कई दिनों तक नाचने से उनके पैरों में छाले पड़ गए ,राजा के अधिकारिओं ने उनके लिए लड़की का स्टेज बना दिया ताकि किसी तरह से उनको सुरक्षा मिल सके ,

एक इतिहासकार जॉन वालेर ने कहा की उस समय जो मोत का नृत्य इन लोगो ने किया ,कोई भी व्यक्ति इतनी कठिन कसरत नहीं कर सकता ,


bagdad ki bettery  ka rahsy:-




बेंजामिन फ्रैंकलिन ने बिजली की खोज की ,लेकिन आप को ये जान कर हैरानी होगी की इसा मसीह से 300 वर्ष पहले भी बिजली के उपकरणों कर प्रयोग होता था.1936 में एक वैज्ञानिक ने इराक में  खोज की जिसमे उनमे एक ऐसा उपकरण मिला जिसकी बनाबट आधुनिक बैटरी की तरह थी ,ये पांच इंच चौड़ी लम्बी ढाई इंच के मुँह बाली एक बोतल की तरह थी जिसके अंदर तांम्बे की परत जड़ी हुयी थी इसके ठीक बीचों बीच एक लोहे की छड़ लटकाई गयी थी

वैज्ञानिक इस बात से हैरान थे की 2000 साल पहले इस बेटरी को किस लिए प्रयोग किया जाता होगा .सब ने अपनी अपनी थ्योरी बताना शुरू की किसी ने कहा इस से चांदी के सिक्के पर सोने की परत चढ़ाई जाती थी . कई लोगो ने कहा इसका प्रयोग किसी खास बीमारी से ग्रसित रोगी को बिजली के झटके देने के लिए प्रयोग किया जाता था .

 

 

Leave a Comment