संदीप सिंह बायोग्राफी – Sandeep Singh hocky player biography in hindi

By | July 2, 2018




संदीप सिंह बायोग्राफी – Sandeep Singh hocky player biography in hindi ,sandeep singh biography hindi  संदीप सिंह जैसे महान व्यक्तित्व को कौन नहींजानता ये भारतीय हॉकी टीम के धुरंदर खिलाडी है जो 2006 में हुए हादसे से उभर कर फिर से देश के लिए खेलने लगे , इन्होने 2012 में लंदन Olympic  के क्वालीफ़ायर्स टूर्नामेंट में अपने शानदार प्रदर्शन से भारत को जीत दिलाई ,आइये जानते हैं संदीप सिंह के जीवन की पूरी कहानी.




sandeep singh biography संदीप सिंह बायोग्राफी :-

  •  जन्म — 27 फरवरी, 1986 उम्र — 34 वर्ष
  • जन्म स्थान — शाहाबाद, हरियाणा , भारत
  • राष्ट्रीयता —- भारतीय
  • गृह नगर —- शाहाबाद, हरियाणा , भारत
  • धर्म —- सिख
  • जाति —- जाट
  • पिता का नाम —- गुरचरण सिंह भिंदर
  • माता का नाम —– दलजीत कौर भिंदर
  • भाई का नाम —– vikramjeet singh (पूर्व हॉकी खिलाड़ी)
  • पत्नी का नाम—- harjinder kour  (महिला हॉकी खिलाड़ी)
  • पुत्र —-सेहजदीप सिंह

Senior career

 

2013 ———–Mumbai Magicians

   2014–2015 ——       Punjab Warriors

2016        —-– present Ranchi Rays


संदीप सिंह की जीवनी :- 

संदीप सिंह का जनम शाहाबाद HARYANA  में एक मध्य वर्गीय jaat परिवार में हुआ , शुरुआती शिक्षा अपने city में की उच्च शिक्षा के लिए वे पटियाला गए वहाँ के खालसा कॉलेज में दाखिला लिया .

संदीप सिंह की तरह इनके बड़े भाई vikramjeet singh सिंह भी हॉकी player रह चुकें है , विक्रमजीत सिंह पंजाब पुलिस में दसप के पद पर कार्य रत है ,विरीत परस्थितिओं के कारन खेलों से दूर रहना पड़ा ,फिर भी इन्होने छोटे brother sandip singh जी को hockey  खेलने के लिए प्रेरित किया और  प्रशिक्षण भी  दिया .




sandeep singh बचपन से प्रतिभवा के धनी थे शुरुआत में वे क्रिकेट खिलाडी बनना चाहते थे परन्तु अपने भाई के कहने पर उन्होंने ने हॉकी को चुना और हॉकी life का aim बना लिया उनकी कड़ी मेहनत का नतीजा है की वो BHARTIY  HOCKEY TEAM के कप्तान रहें.

संदीप सिंह का पूरा परिवार हॉकी player  रह चूका है ये कहना गलत नहीं होगा हॉकी खेलने का हुनर उन्हें विरासत में मिला है ,कहते है उनके पिता जी माता जी और बड़े bhai तथा sandeep singh  wife भी हॉकी के खिलाडी रह चुके है .


संदीप सिंह ने खेलना कब शुरू किया :- 

संदीप सिंह ने 2004 में कुआलालंपुर में संदीप ने सुल्तान अज़लान शाह कप से खेलों की शुरुआत की थी २००९ में इन्हे भारतीय हॉकी टीम का कप्तान बनाया गया , संदीप सिंह जिस रफ़्तार से hockey  खेलते opposite  टीम इनकी speed देख कर अचम्भे में  जाती थी इसी लिए इन्हे ड्रैग फ्लिकर है।


2006 में हुयी दुर्घटना  :- 

22 अगस्त 2006 में अपने मित्र मेजर सिंह के साथ शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे.तभी अचानक उनके मित्र मेजर सिंह द्वारा बन्दूक से गोली चल गयी जो उनकी जांघ पर जा कर लगी .जबकि उन्हें 2 दिन बाद ही Germany   में विश्व कप हिस्सा लेने के लिए जाना था .गोली उनकी निचली रीढ़ की bone को damage  करती  हुयी निकल गयी ,जिससे उनके body  का निचले भाग में लकवा .हो गया

. इस घटना से sandeep singh दो साल के लिए व्हील चेयर पर थे ,डॉक्टर्स ने तो यहाँ तक कह दिया था की वो अब दोबारा हॉकी नहीं खेल सकते लेकिन बहुत जल्दी उन्होंने इस accident  से खुद को उबारा और फिर से हॉकी खेलने लग गए .




संदीप सिंह की Achievements :-

  • संदीप सिंह ने 200 9 के सुल्तान अजलान शाह कप में सबसे अधिक गोल किए और मैन ऑफ द टूर्नामेंट पुरस्कार जीता ।
  • 16 लक्ष्यों को स्कोर करते हुए सिंह 2012 लंदन ओलंपिक के लिए क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में अवल गोल स्कोरर थे ।

अवार्ड :- 

2010 : क्षेत्र हॉकी में उपलब्धियों के लिए अर्जुन पुरस्कार प्राप्त किया


sandeep singh फिल्म :- 

फिल्म निर्माता शाद अली ने संदीप सिंह के जीवन पर सूरमा नाम की एक बायोपिक फिल्म बनाई है। दिलजीत डॉसंज फिल्म में संदीप सिंह भूमिका निभा रहे है । यह 13 जुलाई 2018 को रिलीज होने वाला है। फिल्म में तापसी पन्नू और अंगद बेदी भी हैं .




संदीप सिंह के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए जिस तरह इतनी बड़ी दुर्घटना होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी फिर से खुद को तंदरुस्त किया और टीम में अपनी जगह बनाई ,दृढ़ इच्छा शक्ति और ईश्वर की कृपा से एक बार फिर वे उस मुकाम पर पहुँच गए जो उनका सपना था। 13 जुलाई को sandeep singh के जिंदगी पर आधारित फिल्म आने वाली है उनके जीवन की तरह उनकी आने वाली फिल्म भी सुपर हिट रहे

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