शिकारी आएगा जाल बिछायेगा दाना डालेगा फसना मत

शिकारी आएगा जाल बिछायेगा दाना डालेगा फसना मत





शिकारी आएगा जाल बिछायेगा दाना डालेगा फसना मत एक प्रेरणादायक कहानी
एक बार  एक वियक्ति पिंजरे में तोते को पकड़ कर ले जा रहा था .रस्ते में उसे शिव भगत मिल गया ,वियक्ति ने भगत से कहा महाराज ये तोता आप रख लो ,आपके लिए भेंट है ,

भगत ने वो पिंजरा लिया और उसमे से तोता बाहर निकाला ,उसके कान में एक मन्त्र फूंक दिया फिर उसको आज़ाद कर दिया शिकारी ने पूछा महाराज अपने इसके कान में क्या कहा ,भगत बोले मैंने इसे एक मन्त्र सिखाया है के शिकारी आएगा जाल बिछायेगा दाना डालेगा फसना मत ,

शिकार बोले भगत जी आप ने ये क्या कर दिया आपने तो मेरे पेट में लात मार दी ,शिव भगत बोले नहीं ये तोते है रट्टू तोते ये सिर्फ रटना जानते है ,तुम अपना कर्म  करो ,

शिकारी गया तो उसने देखा सभी तोते रट रहे हैं,  शिकारी आएगा जाल बिछायेगा दाना डालेगा फसना मत -2

उसने  जाल बिछाया दाना डाला सारे तोते रटते हुए जाल के ऊपर बैठ गए  जाल में उनके पंजे फस गए लेकिन रटते जा रहे है शिकारी आएगा जाल बिछायेगा दाना डालेगा फसना मत .

हमारी हालत भी उन तोतों की तरह है ,हम भी रटने पे जोर देते है कभी किसी बात की गहराई में उतरे की कोशिश नहीं करते , यही कारन है पुरे विश्व के देश हमसे कई गुना आगे निकल गए ,

एक छोटा सा देश फिन लैंड जिसकी आवादी 60 लाख भी नहीं है ,उसने नोकिआ फोन बनाया ,साउथ कोरिया 5 करोड़ की आवादी  उसका सैमसंग मोबाइल सारी दुनिया में बिकता है,




इस कहानी से एक सन्देश निकलता है के हमें लाइफ में प्रैक्टिकल होना चाहिए ,तभी हम अपने aim में सक्सेस हो सकते है ,चाहे आप विद्यार्थी है या कोई बिज़नेस मैन किसी भी बात को रटने की वजाय उसे समझने पर बल देना चाहिए। क्यों कि रटा हुआ ज्ञान विपत्ति पढ़ने पर काम नहीं आता।

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