वास्तु अनुसार घर का प्रवेश द्वार-Ghar ka Main Gate kaisa ho

वास्तु अनुसार घर का प्रवेश द्वार-Ghar ka Main Gate kaisa ho





वास्तु अनुसार घर का प्रवेश द्वार   वास्तु मुख्य दरवाजा Ghar ke Main Gate ka Vastu  वास्तु की प्राचीन पुस्तकों में मुख्य द्वार को सही दिशा में होने पर बल दिया गया है ,भवन के मुख्य प्रवेश द्वार को महाद्वार का नाम दिया गया है .मुख्य द्वार पूर्णतया वास्तु सिधान्तो के अनुसार स्थापित करने पर अत्यंत शुभ परिणाम सामने आते हैं जैसे की health  ,समृद्धि, परिवार के सभी सदस्यों का हर्षोउल्लास मय  life होता है

वास्तु अनुसार घर का प्रवेश द्वार






 

मुख्य द्वार भवन की सुंदरता ही नहीं अपितु गृहस्वामी के स्वभाव और उसके जीवन के प्रति लक्ष्य का घोतक भी है ,घर का मुख्य प्रवेश दुआर अच्छी तरह सजाया हुआ होना चाहिए मुख्य द्वार किसी तरह का कूड़ा कचरा इकट्ठा नहीं होना चाहिए door  बेल के switch  और बोर्ड सही और साफ़ होने चाहिए ,दरवाजे पर नज़र पड़ते ही घर की पूर्ण स्थिति का पता चल जाता है ,इस लिए मुख्य द्वार का दरवाजा साफ़ सुथरा और पेंट किया होना चाहिए

वास्तु अनुसार घर का प्रवेश द्वार:– 


  1. घर का main gate  बाकि दरवाजों से बड़ा होना चाहिए
  2. प्रवेश द्वार में कोई पेड़ पौधा या कुआं नहीं होना चाहिए और मंदिर तो कदापित नहीं होना चाहिए,नल कीचड़ और खड्डा नहीं होना चाहिए .
  3. home  का मुख्य द्वार सुबह के समय खुला रखना चाहिए ,अपनी निगरानी में इस से positive ऊर्जा प्रवेश करती है
  4. प्रवेश द्वार में अग्नि नहीं जलनि चाहिए
  5. अगर आपके घर का द्वार अग्नि कोण में है तो पड़ोसिओं से झगड़ा हो सकता है
  6. पुराने जमाने में  घर के मुख्य द्वार में threshold बनाई जाती थी ,इस से घर में खुशाली और आपसी प्रेम रहता है .
  7. अगर आपके घर में पीछे की तरफ द्वार है तो वो बाकि सभी दरवाजों से छोटा होना चाहिए
  8. नया मकान बनाते समय old दरवाजे का प्रयोग हरगिज न करें





घर का मुख्य द्वार इन दशाओं में कभी न बनाये

  1. ईशान कोण में द्वार होने पर दुर्घटना और अग्नि से नुक्सान हो सकता है
  2. पूर्व आग्नेय दिशा में मुख्य दरवाजा होने से धन हानि हो सकता है ,स्त्री को कोई रोग घेर लेगा और गुप्त शत्रु भी परेशां कर सक्ते हैं ,चोरों का भय रहता है ,
  3. Agni kon में दरवाजा होने पर पुत्र को कोई कष्ट आता है और घर में अग्नि भय का खतरा रहता है
  4. दक्षिण दिशा में मुख्य द्वार होने पर दुर्भाय घेर लेता है परिवार नित नए कष्ट आते हैं पश्चिम दिशा में द्वार होने पर मुकदमे और कोर्ट केस में फस सकते है .
  5. उत्तर वायव्यं  दिशा में द्वार होने पर आर्थिक तंगी ,व्यापार में loss , मानसिक परेशानी आती है
  6. यदि घर का मुख्य दरवाजा पूर्व के मध्य में है तो घर के सदस्यों में क्रोध की अधिकता होती है

इन दिशाओं में मुख्य द्वार शुभ माना गया है

  • मुख्य द्वार की स्थापना उतर – ईशान कोण में मुख्य द्वार शुभ होती है.धन में अचानक वृदि होती है 
  • अग्नि कोण के दक्षिण दिशा में द्वार शुभ लक्षणकारी  माना गया है
  • दक्षिण -पश्चिम दिशा का मुख्य द्वार घर में खुशहाली लता है ,घर के सदस्यों की उन्नति होती है.
  •  north में main gate होने पर धन और ऐश्वर्य में वृद्धि होती है और परिवार में सदस्यों की वृदि होती है.
  • पूर्व ईशान कोण सबसे श्रेष्ठ माना गया है ये शुभता और सौभाग्य को बढ़ाता है इस दिशा में द्वार होने से घर में नित उत्सव होते है.
  • north east का मुख्य द्वार सौभाग्य जगाता है घर में धन सम्पति बढ़ने लगती है
  • पूर्व- पश्चिम का मुख्य द्वार सब और से श्रेष्ठ होता है ,घर में किसी प्रकार की कमी नहीं रहती धन और आरोग्य रहता है ,स्वास्थ्य ठीक रहता है.
  • आम के पतों की toran बांधना शुभ होता है





वास्तु आपको घर में तोड़ फोड़ करने की बात नहीं कहता , अगर आपके घर में वास्तु दोष है तो देव पूजा , मंत्रोचारण नित्य meditation समाधि , वास्तु दोष को कम करने के लिए आप astro यंत्रो , vaidik मंत्रो का  प्रयोग कर सकते है


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