योगी आदित्यनाथ बायोग्राफी – yogi adityanath biography hindi

योगी आदित्यनाथ बायोग्राफी – yogi adityanath biography hindi




योगी आदित्यनाथ बायोग्राफी – yogi adityanath biography hindi ,योगी आदित्य नाथ जी भारत की राजनीती में आने से पहले एक सन्यासी थे ,योगी आदित्यनाथ जी ने 22 वर्ष की उम्र में संन्यास अपना लिया और गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महंत अवैद्यनाथ के सानिध्य में रहने लगे महंत अवैद्यनाथ की मोक्ष के बाद योगी जी गोरखनाथ मंदिर के गोरक्ष पीठाधीश्वर चुने गए थे .बहुत कम समय में आप पुरे gorakhpur में अपनी सादगी और परमार्थ के कारन प्रसिद्ध हो गए लोग आपको अपना पूज्य मानने लगे 26 वर्ष की उम्र में आप ने लोकसभा चुनाव लड़ा और भारतीय संसद के सबसे युवा सांसद बने .

yogi adityanath biography hindi
योगी आदित्यनाथ बायोग्राफी




 

आपने पहला चुनाव 1998 में जीता था उस दौरान आपने अपनी संसदीय क्षेत्र में विकास के बहुत काम किये ,आप नित्य कई कई जन सभाओं में जाते ,आप हिंदुत्व और साफ़ सुथरी छवि के कारन आप जनता में बहुत लोकप्रिय हो गए इसी के चलते संसदीय क्षेत्र के लोगो ने आपको चार बार संसद बनाया.

योगी आदित्यनाथ जीवन परिचय  

जन्म – 5 जून 1972
उम्र – 45 वर्ष
कद -163 सेंटीमीटर
मूलनाम : अजय सिंह बिष्ट
माता_पिता का नाम : आनंद सिंह बिष्ट, सावित्री देवी
भाई_बहन – शशि सिंह, महेंद्र सिंह बिष्ट जी
शिक्षा -टिहरी के गजा के स्थानीय स्कूल

हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय,
श्री भरत मन्दिर इण्टर कॉलेज ऋषिकेश

योगी जी का प्रारम्भिक जीवन  

नाथ जी का जनम  गढ़वाल जिले की यमकेश्वर tehsil   के पंचुर गाँव के एक राजपूत फैमिली में  हुआ। इनके पिता फारेस्ट रेंजर थे इस से पता चलता है के योगी जी सम्पन परिवार से थे.आदित्यनाथ जी सात भाई बहन है ,इनसे बड़ी तीन बहने है और एक भाई है तथा दो भाई इनसे छोटे है. योगी जी ने अपनी प्रारभिक शिक्षा टिहरी के गजा के स्थानीय  स्कूल में 1977 से शुरू की तथा मेट्रिक भी यही उत्तीर्ण की थी

योगी आदित्य नाथ जी की उच्च शिक्षा 

योगी जी ने साल 1989 में ऋषिकेश के श्री भरत मन्दिर इण्टर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की।
उसके बाद 1990 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई करते हुए ये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ज्वाइन किया 1992 में श्रीनगर के हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से इन्होंने math में B.sc. की।

जब योगी जी कोटद्वार में रहते थे तो इनके कमरे में चोरी हो गयी जिसमे इनके मेट्रिक और inter के प्रमाणपत्र थे ,इसी कारन योगी जी गोरखपुर से पोस्ट graduate  नहीं कर सके , दोबारा ऋषिकेश से पोस्ट ग्रेजुएट के लिए admision लिया , एडमिशन में आयी परेशानी के कारन इनका ध्यान बिचलित हो  गया.

आदित्यनाथ जी की दीक्षा

इन्होने अपनी शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी .जब गुरु जी 1993 एमएससी की शिक्षा ले रहे थे तब गणित के शोध के लिए हरिद्धार आये तो इनकी मुलाकात अवैद्यनाथ जी से हुयी , अवैद्य नाथ जी से इनकी पुराणी पहचान थी क्यों के वो भी पहले आदित्यनाथ जी के गांव के समीप ही रहते थे पुराणी  पहचान होने के कारन योगी जी ने उनको अपना गुरु बना लिया और दीक्षा ले ली .यदि जी की अध्यात्म रूचि बढ़ गयी जिस कारन इनका संसार से मोह भांग हो गया 1994 में आदित्यनाथ जे ने पूर्ण रूप से सन्यास ले लिया

हिंदू युवा वाहिनी की स्थापना 

आज से 16 वर्ष पहले योगी आदित्यनाथ जी ने हिन्दू युवा वाहिनी की स्थापना वर्ष 2002  में श्री राम नवमी के पर्व  में की थी. युवावाहिनी का उदेश्य हिन्दू और हिन्दू religion की रक्षा करना हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध आवाज़ उठाना ,हिंदू युवा वाहिनी संगठन हिन्दू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी संगठन है .




 

योगी  जी के कार्य

योगी धर्मांतरण के खिलाफ और घर वापसी के लिए काफी चर्चा में रहे। 2005 में योगी आदित्यनाथ ने कथित तौर पर 1800 ईसाइयों का शुद्धीकरण कर हिन्दू धर्म में दोबारा  शामिल कराया  ये बही लोग थे जो हिन्दू धर्म छोड़ कर ईसाई बन गए थे आदित्यनाथ जी ने इनके  शुद्धीकरण का काम उत्तर प्रदेश के एटा जिले में किया गया था.

 

योगी जी पर कहाँ हुआ हमला 

विरोधी दल के लोगो ने 7 सितम्बर 2008 को योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ में  भयानक हमला  किया ,जब योगी जी अपनी 100 वाहनों के काफिले के साथ आ रहे थे  हमला बहुत ज्यादा  दहला देने वाला था   इस हमले में योगी आदित्यनाथ जी बाल-बाल बचे यह हमला इतना बड़ा था कि सौ से भी अधिक वाहनों को हजारों  हमलावरों ने घेर लिया और काफिले के लोगों को को लहूलुहान कर दिया.

आदित्यनाथ जी जेल क्यों गए

मुस्लिम festivle मुहर्रम के  दौरान भड़के दंगे में हिन्दू युवा वाहिनी  की जान चली गयी  जब ये वाकया योगी जी को पता चला तो योगी जी वहां जाना चाहते थे लेकिन   अधिकारियों ने योगी को उस जगह जाने से रोका , परन्तु आदित्यनाथ जी ने उनकी बात नहीं मानी और दंगे बाली जगह पहुँच गए ,नाथ जी शांति पूर्वक धरने पर बैठे थे परन्तु बेकाबू भीड़ ने एक मजार को आग के हवाले कर दिया ,इस कारन स्थानीय पुलिस ने Curfew लगा दिया

yogi ji  ने शहर में लगे कर्फ्यू को हटाने की मांग की अगले दिन उन्होंने शहर के मध्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करने की घोषणा कर दी लेकिन district officer  ने इसकी आज्ञा नहीं दी । yogi नाथ ने भी इसकी परवाह किए बिना हजारों समर्थकों के साथ अपनी गिरफ़्तारी दी।

yogi आदित्यनाथ को crpc की धारा 151A, 146, 147, 279, 506 के लगा कर गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया , उनपर कार्यवाही का असर हुआ कि मुंबई-गोरखपुर गोदान express के कुछ डिब्बे जला दिए गए, जिसका इलज़ाम   hindu yuva  वाहिनी पर लगाया गया

यह दंगे पूर्वी उत्तर प्रदेश के तीन मंडलों और छ: जिलों  में भी फैल गए उनकी गिरफ़्तारी के अगले दिन जिलाधिकारी हरि ओम और पुलिस प्रमुख राजा श्रीवास्तव का ट्रांसफर  कर दिया गया , योगी Nath के  दबाव के कारण मुलायम सिंह यादव की उत्तर प्रदेश सरकार को यह कार्यवाही करनी पड़ी.

दोस्तों कैसी लगी आपको योगी आदित्यनाथ  बायोग्राफी जिस तरह योगी जी ने उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाया है उसी तरह भारत को भी फिर से सोने की चिड़िया बनाने की सोच रखते है ,हम ईश्वर से यही प्राथना करते है के yogi aditya nath जी  को अच्छा स्वास्थ्य  और लम्बी उम्र प्रदान करे ताकि हमारे देश में खुशहाली आ सके.



Dr rajendr parsad biography – डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद जीवनी

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