मरदाना ताक़त बढ़ाने के लिए सन्यासिओं के गुप्त नुस्खे -1-5

मरदाना ताक़त बढ़ाने के लिए सन्यासिओं के गुप्त नुस्खे -1-5





आयुर्वेद मरदाना ताक़त बढ़ाने के एक से बढ़कर एक नुस्खे बताये गए है ,पुराने समय में लोग कई कई शादियां करते थे 70 – 80 साल तक उनका शरीर आज के जवान पुरुष की तरह शक्तिशाली रहता था ,कारन के उस समय में लोग ,काम शक्ति बढ़ाने के गुप्त नुस्खे जानते थे ,जिनका प्रयोग कर के वो कई कई महिलाओं को तृप्त कर सकते थे , उस समय स्वर्ण और रजत सस्ता हुआ करता था जिनको वो बाजीकरण ओषधिओं में मिलते थे .

मरदाना ताक़त बढ़ाने




इनके इलावा रस सिन्दूर और मकरध्वज, मल सिन्दूर , पारा भस्म और बहुत सारे रसानो का प्रयोग करते थे ,लेकिन आज के समय ये ओषधियाँ बहुत महंगी हो गयी है , इस लिए आम वियक्ति की इनको खरीद नहीं सकता , अगर कोई सम्पन वियक्ति इन खरीद भी ले तो इनको पचना बहुत मुश्किल है .

भस्म और रसायनो के प्रयोग से शरीर में गर्मी बहुत बढ़ जाती है जिस से बेचैनी हो सकती है ,एसिडिटी बढ़ जाती है ,इस आर्टिकल में मैं आपको आयुर्वेद मरदाना ताक़त बढ़ाने के  गुप्त योग बताने जा रहा हु जिनके प्रयोग से परूषों फौलादी ताक़त  आ जाती है ,अब इस ताक़त को आप संभल के रखते हो या बर्बाद करते हो ये आपके ऊपर निर्भर है.

nuskha no. 1

  1. अश्वगंधा 10 ग्राम
  2. सफ़ेद मूसली 10 ग्राम
  3. बीर बहुति 10 ग्राम
  4. जायफल ५ ग्राम
  5. शिलाजीत 10 ग्राम
  6. लोह भस्म 10 ग्राम
  7. रस सिन्दूर 1 ग्राम
    अगर आपको ये जड़ियाँ पीसी हुयी मिल जाये तो थी अन्यथा पहली तीनो ओषधिओं को कूट कर बारीक पाउडर बना ले फिर उसके बाद उसके कपड़ छान कर के उसके बाद बाकि तीन ओषधिओं को मिलाकर 200 गोलियां बना लें , न कम न ज्यादा , १ गोली सुबह १ गोली शाम को दूध की मलाई के साथ खाकर ऊपर से दूध पी लें ,तीन महीने में ऐसी फौलादी ताक़त आ जाएगी आप खुद देख के हैरान हो जाओगे ,,
    पित प्रकृति बाले इस योग का प्रयोग न करें.

nuskha no. 2

  1. श्री गोपाल तेल 50 ग्राम
  2. अश्वगंधा तेल 50 ग्राम
    इन दोनों को आपस मिला कर किसी शीशी में भर कर रख लें , रोज़ रात को 5 ml तेल लेकर इन्द्री में मालिश करें ये दोनों तेल अपने अंदर भरपूर शक्ति लिए हुए है इस लिए इनमे कुछ और मिलाने की आवश्यकता नहीं है .कुछ ही दिनों में आपको फर्क महसूस हो जायेगा .

nuskha no. 3

  1. अकरकरा 1 तोला
  2. सोंठ 1 तोला
  3. शीतल चीनी 1 तोला
  4. पीपल एक तोला
  5. जायफल एक तोला
  6. लोंग 5
    इन सभी जड़िओं को अच्छी तरह कूट कर महीन चूर्ण बना लें उसके बाद फिर से एक तोला केसर मिला कर खरल में महीन पीस कर उसमे ग्वारपाठे 50 ml का रस मिलाकर 250 गोलियां बना लें .  2 गोली शाम को मखन के साथ मिलाकर  7 दिन तक  खाएं .आज तक आपने जितनी ओषधिओं का प्रयोग किया ये सबसे कारगर है , इस के सेवन काल में दूध माखन घी का अधिक सेवन करें ,

nuskha no. 4

कोंच के बीज 250 ग्राम लेकर उनको पीस कर चूर्ण बना लें .अब एक कड़ाही में 50 ग्राम घी डाल कर उसमे 500 किलो दूध डालें जब दूध उबलने लगे तो उसमे कोंच बीज का चूर्ण और चीनी मिलाकर मिला कर धीमी आंच पर पकाते रहें

जब सारा दूध सुख जाये तो ,उसको आंच पर से उतार कर ठंडा होने पर छोटे छोटे लाडू बनाकर फ्रिज में रख लें रोज़ दो लड्डू सुबह दो लड्डू शाम को खाने से 10 दिनों के भीतर पुरुषों का शरीर घोड़े की तरह बलशाली बन जाता है .मरदाना ताक़त बढ़ाने का ये सबसे बेस्ट नुस्खा बताया गया है शास्त्रों में .

nuskha no. 5

  1. ताल मखाना
  2. सफ़ेद मूसली
  3. बिदारीकंद
  4. असगंध कोंच के बेज
  5. सेमर के फूल
  6. खरैंटी
  7. शतावर
  8. मोच रस
  9. गोखरू
  10. जायफल
  11. बंशलोचन
  12. उड़द की डाल घी में भुनी हुयी

ये सभी सामग्री 10 -10 ग्राम लेकर पहले सभी जड़ी बुटिओं को पीस ले फिर उनको किसी छन्नी से छान कर उसमे उड़द की दाल डाल कर अच्छी तरह पीस लें.आखिर में 100 ग्राम कुज्जा मिश्री मिला लें और सभी ओषधि को आपस में मिला लें ,किसी डिब्बे में सुरक्षित रख लें .
सुबह शाम 5 -5 ग्राम लगातार 60 दिनों तक खाएं .दूध के साथ खाएं .




 

लाभ – अधिक स्त्री प्रसंग, अप्राकृतक ढंग से शुक्र का नाश करने से या ,अश्लील साहित्य पड़ने से, शरीर में गर्मी और पित बढ़ जाते है जिस कारन वीर्य बहुत पतला हो जाता है , स्वपन दोष , और धात जैसी गंभीर बीमारियां लग जाती है .जिसका नतीजा ये होता है के मरदाना शक्ति ख़तम हो जाती है इस औषधि के सेवन से शुक्र मखन की तरह गाड़ा हो जाता है , इन्द्री में रक्त का प्रभाव तेज हो जाता है
अद्भुत मरदाना शक्ति आ जाती है .

इस आर्टिकल में आयुर्वेद मरदाना ताक़त बढ़ाने की जो भी ओषधियाँ बताई गयी है वे सब प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रथो से प्रमाणित है .इनमे से आप कोई भी एक ओषधि का अप्रयोग कर सकते है .

 

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