पेट में जलन एसिडिटी तेजाब का आयुर्वेदिक उपचार-acidity ka ayurvedik upchar

पेट में जलन एसिडिटी तेजाब का आयुर्वेदिक उपचार-acidity ka ayurvedik upchar





  पेट में जलन एसिडिटी  तेजाब का आयुर्वेदिक उपचार  acidty ka gharelu upchar छाती में जलन होने का मुख्य कारन पित्त की वृद्धि है , आजकल लोग अपने खान पान में ज्यादा मिर्च मसाले ,फ़ास्ट फ़ूड का प्रयोग करते है जिस कारण पेट की गैस्ट्रिक ग्रंथिओं में एसिड अधिक मात्रा में बनने लगता है ,अगर आप भी छाती की जलन और एसिडिटी से परेशां है तो आपको अपनी इस प्रॉब्लम का सलूशन इस आर्टिकल में मिल जायेगा ,यहाँ आपको छाती की जलन के कारन लक्षण और उपचार के आयुर्वेदिक नुस्खे बताये जा रहे है जिनको प्रयोग कर के आप इस नामुराद बीमारी से पीछा छुड़ा सकते है .पेट में जलन एसिडिटी



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पेट में जलन एसिडिटी तेजाब का कारण —

1)—acidity  का सबसे पहला कारण है tension या स्ट्रेस या कोई डर ,तनाव से हमारे brain  में एक ख़ास किसम के हॉर्मोन का स्त्राव होता है जो हमारे पेट के पाचनतंत्र में सूजन पैदा करता है जिस से छाती में जलन पैदा होती है .और ये जलन इतनी भयानक हो सकती है के व्यक्ति को हॉस्पिटल दाखिल होना पड़ सकता है .जिन लोगो को कोई सदमा या shock  लग जाये उनको भी एसिडिटी की problem हो सकती है

2)— छाती में जलन का दूसरा reason है स्पाइसी भोजन खाना ,ज्यादा मसालेदार भोजन खाने से ज्यादा मिर्च मसले, और आचार ख़ास कर आम का आचार , भोजन में ज्यादा लोंग- ginger  और जावित्री वाले मसाले खाने से stomach  में सूजन हो जाती है ,जो एसिडिटी के रूप में महसूस होती है .

3)— एसिडिटी का तीसरा सबसे बड़ा कारण है भोजन का अच्छी तरह हजम न होना, आज के जमाने में लोग अक्सर एक जगह बैठ कर काम करते है चाहे ऑफिस हो या कोई shop या शोरूम ,इस से भोजन अच्छी तरह digest  नहीं हो पाता ,और खाया हुआ पचने की बजाए सड़ने लगता है . जो पेट में तेज़ाब एसिड का निर्माण कर देता है इस से खट्टी डकारे आना , छाती में जलन . सर घूमना जैसे कई लक्षण दिखाई देते है .

4)—  ,समय पर भोजन न करना  पेट में जलन का एक और कारण है अगर आप एक समय का खाना मिस करते है तो ये आपके पेट में एसिड को मौका देता है के वो आपकी आंतो को नुक्सान पहुंचाए .


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acidity ka ayurvedik upchar  – no.1
  1. एक गिलास गाजर का जूस बिना salt  के पीने से acidity  में आराम मिलता है
  2. सादा गन्ने का रस भी अम्ल पित्त को शांत करता है पेट की जलन ठीक होती है
  3. घर में बना हुआ गुलाब का शर्बत heart burning  एसिडिटी को जड़ से ख़तम कर देता है
  4. केबड़ा का शरबत आमाशय को शांति प्रदान करता है पेट की जलन को ठीक करता है
  5. अनार का शरबत भी हइपर एसिडिटी में लाभदायक होता है

पेट में जलन एसिडिटी तेजाब का आयुर्वेदिक उपचार– no. –2 

अगर आपको छाती में जलन हो रही है ,मुँह में खट्टा या कड़वा पानी आ रहा है ,तो सबसे पहले आप एक कप ठंडा दूध बिना चीनी मिलाये पी लें ऊपर जो परहेज btaye  गए है उनका पालन करें और रोज़ दिन ३-४ बार बिना चीनी मिलाया हुआ ठंडा दूध पीते रहे तीन चार दिन में आपकी एसिडिटी की प्रॉब्लम अपने आप ठीक हो जाएगी .

अगर परेशानी ज्यादा है तो किसी डॉक्टर से मश्वरा जरूर करें .इनके इलावा आपको यहाँ कुछ आयुर्वेदिक और घरेलु उपचार बताये जा रहे है उनको प्रयोग करने से भी heart burn  और तेजाब बनने की प्रॉब्लम से छुटकारा पाया जा सकता है


आयुर्वेदिक उपचार इस प्रकार है — no. 3

भोजन खाने के बाद एक चमच मीठी सोंफ और आधा चमच चीनी मिला कर फांक ले इस से भोजन को पचने में आसानी रहती है.

पेट की जलन और तेजाब को कम करने के लिए एलोवेरा और आंबला का जूस एक एक चमच मिला कर पीने से कुछ ही दिनों में छाती की जलन कम हो जाती है .

ककड़ी के बीज , और त्रिफला 50 -50 ग्राम उसमे 25 ग्राम सेंधा नमक मिला कर मिक्सी में पीस कर चूर्ण बना लें तीन माशा सुबह तीन माशा शाम को खाने से heart burning  और acid बनना बंद हो जाता है …


छाती में जलन या एसिडिटी का कोई भी उपचार शुरू करने से पहले उसका कारण ढूंढे जब आपको पता चल जाये के किस कारण से आपको छाती में जलन हो रहा है फिर उसके बाद उपचार शुरू करें ,हो सकता है आपको स्ट्रेस के कारण एसिडिटी बन रहा हो लेकिन आप इलाज़ कर रहे हों हाजमे का तो इस से रोग ज्यादा बढ़ सकता है .

जब तक आप रोग के कारण को दूर नहीं करते जितने भी चूर्ण और दवाइयां खा लें कोई फायदा होने वाला नहीं


ऊपर जो indication बताये गए है उनको पढ़ कर अपने disease को पहचाने फिर उसका इलाज करें .इस आर्टिकल में जो उपाए बताये गए है वो आप कभी भी शुरू कर सकते है .


इलाज से परहेज अच्छा

एसिडिटी और छाती की जलन में अदरक , लोंग , गरम मसाले ,अदरक बाली चाय, टी – मसाला ,हर किस्म का आचार , सिरके से बने हुए खाद्य पदार्थ , fats food  , green and  red  मिर्च , बिलकुल बंद कर दें .


अब आपको एक बहुत ही simple  और secret remedie  बताने जा रहा हु इसको आप प्रयोग करें ये आपके शरीर में बड़ी हुई गर्मी ,अधिक प्यास  लगना ,छाती की जलन पेशाव की जलन , fever  ,इन सब बीमारीओं को thik करता है

हरी ताजी giloy का रस one  leter  लेकर उसको कड़ाही में डाल कर गरम करें जब रस half  रह जाये तो उमसे एक लीटर पानी डालें फिर उसको गरम करें एक उबाल आने के बाद उसमे तीन किलो 250 ग्राम चीनी मिलाकर अच्छी तरह दो तीन उबाले लगा लें फिर उसको ठंडा होने पर कांच की बोतल में भर कर रख लें

सेवन विधि :–

20 ml गलोय का शरबत 100 ml पानी में डाल कर दिन में दो बार पीएं.





पेट में जलन एसिडिटी तेजाब का आयुर्वेदिक उपचार जो आपको इस आर्टिकल में बताये गए उनका प्रयोग करने से पहले डॉक्टर से जांच करवाना बहुत जरुरी है .अगर आपको ये लेख पसंद आए तो कमेंट जरूर करें

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