ताज महल का इतिहास- ताज महल का खुनी इतिहास

ताज महल का इतिहास- ताज महल का खुनी इतिहास

ताज महल का इतिहास  ताज महल का खुनी इतिहास क्या सच में काटे थे मजदूरों के हाथ .ताजमहल को देखने देश विदेश से प्रति दिन लगभग 12000 लोग आते है ,ताज महल की आकृति अनायास ही सबको अपनी और आकर्षित कर लेती है , इसका रंग दिन में कई बार रंग बदलता है ये ईमारत अटूट प्रेम का प्रतीक मानी जाती है .कहते है इसके निर्माण में एक अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का खर्च आया था .

ताज महल का खुनी इतिहास 

ताज महल का इतिहास

ताज महल का इतिहास 

ताजमहल का निर्माण मुगल बादशाह ने अपनी सबसे प्यारी बेगम मुमताज की याद में 1632 में किया था  ,  चौदहवे बच्चे को जनम देते समय मुमताज की मृत्यु हो गयी थी उसी की याद में शाहजहां ने इसका निर्माण शुरू करवाया ,शायद इसी लिए इसको अटूट प्रेम की निशानी कहा जाता है .

ईरान के आर्किटेक्चर ने इसका रूप निखारा था .इसके निर्माण में 22000+ देश  से मजदूर बुलाये गए उनके 20 साल की कड़ी मेहनत के बाद इसकी वास्तिक आकृति सामने आयी ,ताजमहल का निर्माण राजस्थान के संगमरमर से हुआ था.इसके मुख्य द्वार को लाल पथरों से सजाया गया जो इसके रूप को और ज्यादा उभारते है ,

ताज महल के सामने सुन्दर फव्वारे लगे हुए है ,ताजमहल के अंदर एक  अजैव घर  भी है जिसमे मुघलो के अस्त्र शस्त्र रखे हुए है . ताज महल का जो सबसे बड़ा गुम्बंद है ठीक उसके नीचे शाजहाँ और मुमताज की कब्रें है ,

मुमताज कौन थी

मुमताज शेर खान सूबेदार की पत्नी थी ,जब शाहजहां की नज़र मुमताज़ पर पड़ी तो ,शाहजहाँ ने शेर खान सूबेदार और उसके बच्चो की हत्या करवा दी ,फिर जबरदस्ती मुमताज़ से निकाह कर लिया ,इस तरह शाहजहां के प्रेम की शुरुआत हुयी .

शाहजहां का अद्भुत चरित्र — 

शाहजाहाँ के हरम में 8000 से ज्यादा हिन्दू औरतों को रखा गया था जहा उनका योन शोषण होता था .ये दुष्ट बादशाह ,अपने राज्य में हिन्दू महिलाओं की मंडी लगाता था ,इसके मंत्री और सैनिक अपनी पसंद की महिला को खरीद कर ले जाते थे ,शाहजहाँ को प्रेम का पुजारी नहीं कहा जाये तो क्या कहा जाये ,जो अनगिनत महिलाओं को अपनी रखैल बनाकर रखता हो ,

शाहजहां की शादियां

शाजहाँ ने मुमताज से पहले तीन शादियां की थी ,लेकिन ये उसकी आखरी शादी नहीं थी मुमताज के बाद उसने 3 शादियां और की कुल मिलाकर उसने 7 शादियां की थी .शाहजहां मुमताज से बेहद प्रेम करता था इस लिए उसने मुमताज की मृत्यु के बाद उसकी बहन से भी शादी कर ली  .

शाजहाँ और मुमताज़ की सबसे बड़ी बेटी

जहाँआरा की शक्ल सूरत हु-बहू मुमताज़ से मिलती थी ,इस लिए मुग़ल बादशाह अपनी बेटी जहाँआरा की तरफ आकर्षित हो गया इसके चर्चे पुरे दरबार में फ़ैल चुके थे मोलविओ और इस्लाम के जानकारों ने एक हदीस का हवाला देकर बताया के अगर ” माली अपने बाग़ के फल खा ले तो कोई हर्ज़ नहीं “.

मुगल घराने की बेटिओं को शादी करने की मनाही थी ,ये मनाही अकबर के जमाने से लगयी गयी थी .इस लिए मज़बूरी से जहाँआरा को अपने दुष्ट पिता के पास रहना पड़ता था इसका फायदा शाहजहां ने बखूबी उठाया उसने अपनी बेटी को रखैल बनाकर रखा था .

ताजमहल बनाने के लिए धन कैसे जुटाया

कई लोग मानते है के वो तो बादशाह था इस लिए उसके पास धन की कमी न थी लेकिन सवाल ये है के इतना पैसा आया कहा से इसके लिए आपको इतिहास के झरोखे में झांकना होगा .ये इतिहास शुरू होता है बाबर के बाप दादा से   ,वे सब आंतकवादी थे जो भारत में लूट पाट करने और आंतक फ़ैलाने आते थे,एक बार उनके साथ बाबर भी आया  ,बाबर जन्म उज्बेकिस्तान में हुआ था ,बाबर तैमूर लंग का पोता और चंगेज खान का दोहता था .बाबर के पूर्वज भारत में आकर लूट पाट करते यहाँ के निवासी हिन्दुओं कत्लेआम करते और यहाँ से भाग जाते थे .

लेकिन जब बाबर पहली बार लूट- पाट करने आया तो उसने बापिस जाने की बजाए भारत में रह कर यहाँ के लोगों को आंतकित करना शुरू कर दिया , बाबर ने लूट पाट में इतना धन इकठा कर लिया के उसने अपनी एक बहुत बड़ी सेना त्यार कर ली.

बाबर का साम्राज्य

धीरे धीरे बाबर  भारत के राजपूत राजाओं को छल और बल से कतल करता गया और उनके साम्राज्य और औरतों को अपने अधीन करता गया .कुछ ही वर्षो में उसने भारत के बहुत बड़े हिस्से पर अपना कब्ज़ा कर लिया .बाबर इस्लाम का कटटर प्रचारक था इस लिए उसने भारत के मंदिरों को तोड़ देता वहां से धन लूट कर अपने खजाने में जमा कर देता ,

हुमायूँ का राजगद्दी पर बैठना

बाबर की मृत्यु के बाद उसके बेटे हुमायूँ को राज गद्दी पर बैठाया गया .हुमायूँ भी एक क्रूर इस्लामिक कटर पंथी था ,उसने कितने हिन्दुओं को कतल किया कितनी हिन्दू ओरतों को बिधवा बनाया ,कितना धन लूटा ये सब इतिहास के पन्नो में दफ़न है .हुमायु की मृत्यु सीढ़ीओं से गिरने के कारण हुयी .इम्यून के बाद उसका बेटा.

अकबर को भारत की राज गद्दी मिली

हुमायूँ की मृत्यु के बाद उसका बेटा अकवर भारत की राज गद्दी पर बिराजमान हुआ तब उसकी उम्र 13 वर्ष थी , अकवर ने हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करने की कोशिश की लेकिन सफल न हो पाया उसने भी भारत के कई राजाओं को कतल कर के उनका धन लूटा और हिन्दू ओरतो को जब्र घर से उठवा कर अपने हरम में रखैल बनाकर रखा अकबर के हरम में 5000 से ज्यादा हिन्दू ओरतो को रखैल बनाकर रखा गया.

जहांगीर भारत का बादशाह बनां

अकबर की मृत्यु के बाद जहांगीर को उसका उत्तराधिकारी बनाया गया ,जहाँगीर से प्रभावित होकर कई राजपूत राजा उसके साथ मिल गए ,लेकिन वो नशे और ओरतो का आदि था , जहांगीर के समय इस्लाम का बहुत प्रचार हुआ , लेकिन उसका बेटा खुर्रम उसका विरोधी था ,खुर्रम ने अपनी एक सेना त्यार कर ली थी , लेकिन खुर्रम की सेना जहाँगीर की विशाल सेना के सामने टिक नहीं पायी ,जल्द ही खुर्रम ने अपने पिता के सामने आत्मसमर्पण का कर दिया .

जहाँगीर को अपने बेटे के व्यवहार पर बहुत दुःख था जिस कारण वो गम में डूब गए और उनकी मृत्यु हो गयी . लेकिन जहांगीर की मृत्यु के बाद खुर्रम को ही उसका उत्तराधिकारी बनाया गया जो बाद में शाहजहां के नाम से प्रसिद हुआ . शाहजहां कटटर मुस्लिम शाशक था जिसने हिन्दुओं को मजबूर किया या तो इस्लाम  कबूल कर लो या मोत को गले लगा लो .

शाहजहां बना भारत का बादशाह

उसने अपने खानदानी रीतिओं को आगे बढ़ाते हुए हरम में रखैलों का इज़ाफ़ा करना शुरू कर दिया .अब आप समझ गए है के ताज महल को बनबाने केलिए धन कहा से आया है ,200 -250 साल तक  कितने हिन्दुओं को कतल किया गया उनके धन को लूटा गया .उसकी ओरतो को बेच कर धन जुटाया गया ,

 

शाजहाँ के दो बेटे एक का नाम दारा दूसरे का नाम औरंगजेब था ,और भी होंगे लेकिन उनका जिक्र फिर कभी , ओरंग्जेब एक क्रूर और कटटर पंथी था जो भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहता था , जब उसने देखा के उसका पिता ताजमहल बनबाने में राजमहल के खजाने को बर्बाद कर रहे है और उसके बड़े भाई को राजगद्दी पर बैठना चाहते है तो उसको बहुत गुस्सा आया .इस लिए उसने अपने भाई दारा को भी कतल करवा दिया ,

और अपने पिता शाहजहां को नो साल तक जेल में रखा .वही उनकी मर्त्यु हो गयी .मृत्यु से पहले उसने कहा के धन्य हिन्दू माता पिता जिनके बेटे उनके बुढ़ापे का सहारा बनते है ,

पाकिस्तान 2030 – desh videsh

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