इंडिया बन जायेगा सोने की चिड़िया  2028  तक- india sone ki chidiya

इंडिया बन जायेगा सोने की चिड़िया 2028 तक- india sone ki chidiya





इंडिया बन जायेगा सोने की चिड़िया 2028 तक  इंडिया अमीर हो रहा है ,लोग विदेशों से भेज रहे है अरबों खरबों रुपय ,जी हाँ दोस्तों भारत फिर से सोने की चिड़िया बन जायेगा आने वाले 10 सालों में ,एक जमाना था जब भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था उस दौर में भारत पुरे विश्व से अमीर विकसित और शक्तिशाली देश था ,

जब सारी दुनिया के लोग असभ्य हुआ करते थे उस समय भी भारत की सनातन सभ्यता विकसित थी दूसरे देशों से कई व्यापारी यहाँ व्यापर करने आया करते थे और भारत की समृद्धि की कहानियां अपने देशों में जाकर लोगो को बताते थे ,दूसरे मूलखों के कई राजा और लूटेरे इसी टाक में रहते थे कब मौका मिले हम भारत से  स्वर्ण और धन को लूट लें .

bharat sone ki chidiya
sone ki chidiya bharat







भारत का स्वर्ण युग :-

चाणक्य के शिष्य चंद्र गुप्त मौर्य के समय भारत की सीमा अफगानिस्तान और ईरान तक फैली हुयी थी यहाँ बस्तुओं का अदन प्रदान करने के लिए सोने की मुद्राओं का प्रयोग किया जाता था ,भारत के मसाले ,लोहा ,चांदी जस्त कांसा आदि धातु ,कपडे ,कपास अनाज फल दूसरे देशो में बेचा जाता था और दूसरे देशो के व्यापारी भारत की बनी बस्तुओं को खरीदते थे ,और क्रय विक्रय के लिए स्वर्ण का ही प्रयोग होता था इस लिए आप अंदाजा लगा सकते है भारत के पास कितना स्वर्ण होगा उस जमाने में .

भारत के पतन का कारन :-

भारत का बुरा वक्त शुरू हुआ पृथ्वी राज चौहान की मृत्यु के बाद ,यहाँ कई अरबी लूटेरे आए जो भारत के स्वर्ण को लूटते और यहाँ से भाग जाते थे कई तो यही बस गए और यहाँ के बादशाह भी बन गए ,उनके बाद गोरी खाल वाले लोगो ने भारत को 200 साल तक निचोड़ा जब गोरी चमड़ी वाले लोग यहाँ से निकले तो उनके बाद की बायत न पूछो तो अच्छा है ,अब फिर से भारत सोने की चिड़िया बनने जा रहा है.

भारत के प्रवासी कामगार बनायेगे भारत को सोने की चिड़िया

इस बार भारत को सोने की चिड़िया बनाने के लिए न तो कोई राजा , न हीं बड़े व्यापारिक घराने ,और न ही कोई राजनितिक पार्टी  ,अब भारत को सोने की चिड़िया बनाने के लिए भारत के कामगार अपनी भूमिका निभा रहे है .प्रवासी भारतीय हर साल वहां से अरबों खरबों रुपय भारत भेजते हैं ,

एक साल में कितने डॉलर आए:-

सबसे ज्यादा पैसा खाड़ी देशों से इंडिया में आता हैं ,2017 में प्रवासी  भारतीय कामगारों ने विदेशों से 69,00,00,00,000 अमेरिकी डॉलर भारत में भेजे हैं ,इस समय एक डॉलर की कीमत 67 रुपय हैं उस हिसाब से 46,84,75,50,00,000.00 रुपय सिर्फ एक साल में भारत में आए हैं ,आप कैलकुलेट कर के देखे आने वाले दस साल में कितना पैसा भारत में आएगा .

ये कहना गलत नहीं हैं की भारत फिर से सोने की चिड़िया बन जायेगा यहाँ फिर से वही समृद्धि और खुशहाली होगी जो 1600 वर्ष पहले थी ,एक बार फिर भारत विश्व गुरु बनने की और अपने कदम बड़ा चूका हैं ,इस कार्य के लिए सबसे बड़ा योग दान दे रहे भारत के प्रवासी कामगार

 




Leave a Comment