एक आयुर्वेदिक नुस्खे में  पेट की हर एक बीमारी का इलाज

एक आयुर्वेदिक नुस्खे में पेट की हर एक बीमारी का इलाज





आपने बहुत सारे आयुर्वेदिक नुस्खे पड़े और सुने होंगे पेट की बिमारिओं के लिए ,आज मै आपको एक ऐसा नुस्खा बताने जा रहा हूँ जो आपने पहले कभी नहीं सुना होगा , इसका किन किन पेट की बिमारिओं में यूज़ किया जाता है ,वो आपको इस लेख में पता चल जायेगा , गर्मिओ में बार बार लेट्रिन जाना , पेट में मरोड़ , कुछ खाते ही लेट्रिन को चले जाना ,पेट में हल्का हल्का दर्द ,अमीबा, पेट के कीड़े ,ऐसी बहुत सारी परेशानी आ जाती है ,

आयुर्वेदिक नुस्खे




 

इन सब को रोक पाना भारत के लोगो के लिए नामुमकिन है क्यों के हमारे यहाँ हाइजीन का ख्याल नहीं रखा जाता ,हम घर में तो साफ़ सफाई ख्याल रख लेते है लेकिन अगर एक बार भी बाहर का कुछ खा लिए तो पेट खराब होने के चान्सेस होते है ,

अक्सर सम्पन लोग आपने घरों में फिलटर , R .O .का प्रयोग करते है ताकि उनके परिवार के किसी सदस्य का पेट खराब न हो स्वास्थ्य ठीक रहे .लेकिन इन सब के बाबजूद भी कई बार पेट में मरोड़ जैसी शिकायत आ जाती है .

ज्यादतर लोग पेट खराब होने पर झट से डॉक्टर के पास जाकर कोई दवाई ले लेते है पेट एक दम से ठीक लेकिन 10 -15 दिन बाद फिर से भी हाल हो जाता है , क्यों के अंग्रेजी दवाईआं सिर्फ लक्षण को ठीक करती है ,जिस कारन से पेट में गड़बड़ होती है उन कारणों को ठीक नहीं करती ,

कई समझदार लोग घरेलु नुस्खों को भी आजमाते है ,अजवाइन, कड़वी सोंफ का इस्तेमाल करते है ,पेट को ठीक करने के लिए लेकिन कई बार  उनसे भी कोई लाभ नहीं होता .

अगर आप भी पेट की गड़बड़ी से परेशां है निचे दिए गए आयुर्वेदिक नुस्खे को घर में त्यार कर लें जरुरत पड़ने पर आधा ग्राम गर्म पानी के साथ खा लें ,

 

आयुर्वेदिक नुस्खा इस प्रकार है – 

  1. ..सोंफ ————– 20 ग्राम
  2. ..बेलगिरी ———- 20 ग्राम
  3. ..ग्राम सौंठ ——— 20 ग्राम
  4. ..हरड़ छोटी ——– 20 ग्राम
  5. ..दाना मेथी ——– 20 ग्राम
  6. ..सेंधा नामक —— 30 ग्राम
  7. ..वायविडंग ——– 10 ग्राम
  8. ..अजवाइन ——– 10 ग्राम
  9. ..कुटज बर्क ——– 10 ग्राम
  10. ..इन्दर जों ——— 10 ग्राम
  11. ..आम गिरी ——– 10 ग्राम
  12. ..नगर मोथा ——- 10 ग्राम
  13. ..गुलाब पुष्प ——- 10 ग्राम

note –

  • देसी आम की गिरी लेनी है
  • देसी गुलाब के फूल लेने है .जो गुलाबी रंग का होता है

ये सब ओषधि आपको पंसारी की दुकान में मिल जाएगी , इनको लेकर अच्छी तरह सूखा लें उसके बाद कूट पीस कर बारीक़ चूरन बना लें ,नमक सबसे आखिर में मिलाएं ,

लाभ क्या होता है— 

पेट की सभी बीमारियां जैसे की अमीबा पेट के कीड़े ,हाजमा ठीक न होना , कुछ खाने के बाद  अपान वायु का निकलना ,बार बार लेट्रिन जाना और भी बहुत सारे रोग ठीक हो जाते है, भूख न लगना ,आंव आना ,आंव के साथ खून आना ,पेट ठीक से खाली न होता हो, चिपचिपी लेट्रिन आना ,भोजन  खाते ही लेट्रिन आ जाना , लूज़ मोशन इन सब बिमारिओं के लिए सिर्क एक आयुर्वेदिक नुस्खा है जो आपको इस लेख में बताया गया  , इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है ,

अगर पेट थोड़ा खराब है , तो सात दिन तक इस चूरन की 2 ग्राम की मात्रा गरम पानी के साथ खाएं
अगर रोग पुराना है तो लगातार 40 दिन तक खाएं .



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