आंतकवाद की परिभाषा जानने से पहले  जरूर पड़ें-every 4th person is terrorist

आंतकवाद की परिभाषा जानने से पहले जरूर पड़ें-every 4th person is terrorist

आंतकवाद की परिभाषा जानने से पहले जरूर पड़ें भारत पिछले 1000 वर्षों से आंतकवाद झेल रहा है पिछले कुछ दशकों से विश्व के दूसरे देश भी इसका स्वाद चख रहे हैं लेकिन आज तक कोई भी बुद्धि जीवी इसकी सही परिभाषा व्यक्त नहीं कर पाया है .कारण कोई स्वार्थ हो सकता है कोई ,बड़े देश अपने हथयार बेचना चाहते है.

अगर आंतकवादी हथयार नहीं खरीदेंगे तो उनका तो दिवालिया निकल जायेगा ,रहने दो इस बात को यही ख़तम कर देते है ,बहुतों की पोल खुलेगी .हम तो सिर्फ आंतकवाद की परिभाषा पर चर्चा करने आए है वही करते है ,सब की अपनी अपनी सोच है हर कोई इस मुद्दे को अलग नज़रिये से देखता है ,आंतकवाद की परिभाषा जानने से पहले जरूर पड़ें


आंतकवाद की परिभाषा -defination of terrorist 

आंतक का अर्थ है किसी को डराना ,धमकी देना ,कतल करना ,किसी को इस कदर डरा देना के वो सहम जाये ,किसी को पीट पीट कर मार देना अंत में सिर्फ कतल कर देना ही इसके लिए सही शब्द है एक और बात सामूहिक हत्या भी आंतकवाद की श्रेणी में आती है .

अब फैंसला आपको करना है आंतकवादी की सही परिभाषा क्या होनी चाहिए आप मार्किट से एक मुर्गा लेकर आते हो उसको कतल करके पका के खा जाते हो मुर्गे की नज़र में आप आंतकवादी हो ,नहीं भाई आप तो पड़े लिखे उच्च पद पर विराजमान हो बिज़नेस मैन हो अमीर हो आपको किसी को कष्ट देने का पूरा का है ,


जब एक व्यक्ति अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ किसी झील के किनारे या नदी के किनारे बैठ कर पानी में कांटा फैंकता है और सोचता है के काश कोई बड़ी मछली फस जाये और उसी समय डोरी को झटका लगता है वो चिल्लाता है हुर्रे मछली फस गयी सारा परिवार बहुत खुश है पापा ने मछली पकड़ ली

सब के मुँह में पानी आ रहा है आज तो मछली चावल खाएंगे पार्टी होगी , इतने में व्यक्ति डोरी खेंचना शुरू कर देता है ,मछली को बाहर निकाल कर देखा बड़ी थी ,थोड़ा सा खून लगा था डोरी में कोई बात नहीं हमें साफ़ कर लेंगे


क्या कभी आपने सोचा है उस मछली को कितना दर्द हुआ होगा जब उसके मुँह में लोहे का कांटा चुभा होगा , नहीं आप नहीं जानते. क्यों के दुसरो का दुःख आप समझ नहीं सकते पता तब चलता जब वही कांटा आपके छोटे बच्चे के मुँह में चुभा होता ,हाथ पैर फूल जाते पैरों तले जमीन निकल जाती .

आप तो महान लोग हो बड़े हो इन छोटी छोटी बातों से आपको फरक नहीं पड़ता आप तो अपने ईश्वर को खुश करने के लिए लाखो करोड़ो बकरे और गाय काट सकते हो ये मछली क्या चीज है ,शायद हम अपने असल मुद्दे से भटक तो नहीं गए हम तो अंतकववाद की परिभाषा पर चर्चा करने वाले थे ये कहा पहुँच गए .


आपने भी तो कभी न कभी एक बकरा काट के तो खाया होगा या कटा हुआ लेकर आए होंगे ,उस समय खुद को बकरे की जगह रख के देखना के जब आपके गले पर एक तेज धार तलवार से बार होता है तो कितना अच्छा महसूस होता है ,अगर नाख़ून काटते समय बलेड थोड़ा सा घूम जाये और नाखून के साथ साथ आपकी अंगुली भी कट जाये तो चिल्ला उठते है लेकिन किसी प्राणी का सर काटते हुए आपको ख़ुशी होती है


आपके द्वारा इस धरती के किसी भी जीब को चाहे वो जानवर ही क्यों न हो कष्ट पहुंचे तो उस जीव की नज़र में आप आंतकवादी हो . जब एक चोर किसी के घर में घुस कर उस घर के लोगो को डरा कर चोरी करता है तो उस समय वो लोग कितना डरे सहमे हुए होते है उनकी नज़र में वो चोर भी आंतकवादी है.


कुछ लोग आते है किसी व्यक्ति से पैसों से भरा बैग छीनने की कोशिश में व्यक्ति को गोली मार कर कतल कर देते है ,वो लुटेरे भी आंतकवादी है जो किसी का धन लूटते है कतल करते है ,

एक लड़की अकेली जा रही है रास्ते में कुछ गुंडे उसको परेशान करते है फिर उसको रेप कर के कतल कर देते है, मरने से पहले उस लड़की की नज़र में वही लोग आंतकवादी है जो उसके साथ.शायद आपको निर्भया याद होगी आप बताओ के क्या वो लोग आंतकवादी नहीं थे जिसने निर्भया को बेरहमी से कतल किया


कोई इंसान  ऑफिस से छुट्टी कर के घर बापिस जा रहा है रास्ते में उसकी बाइक गड्ढे में फसी और गिर गयी पीछे से आ रहा ट्रक उसके ऊपर चढ़ गया अब यहाँ आंतकवादी कौन है वो गड्ढा या बाइक नहीं ,यहाँ सर्कार आंतकवादी है जिसके भ्रष्टाचार ने नाजाने आज तक कितने घर सुने कर दिए कितनी माँओं की कोख सुनी कर दी , कितने परिवार उजड़ गए.कितनी ओरतें विधवा हो गयी .किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता .


कुछ लोग जो एक ख़ास कबीले से बिलोंग करते है हाथो में बन्दूक उठा के एक दिव्य शब्द पड़ते हुए लोगो का कतल कर देते है और सोचते है गब्बर खुश होगा हमें इनाम देगा ,जाम देगा गोद में बिठा के हमें प्यार करेगा तो ये उनकी सबसे बड़ी भूल है
हिन्दू ग्रंथो में 5250 वर्ष पहले ही लिखा जा चूका है के कलयुग में हर 100 में से 90 व्यक्ति दुष्ट और आंतक प्रवृति के होने है उन सबको ख़तम करने के लिए फिर से युग पुरुष इस धरा पर अवतरित होंगे
—————————————————यदा यदा ही धर्मस्य —————————————————————

  • इस दुनिया से आंतक को ख़तम करने से पहले
  • हमें अपने अंदर के आंतकवादी को ख़तम करने की जरुरत है
  • अपनी बुराईओं को ख़तम करने की जरुरत है
  • अगर हमारे द्वारा किसी एक भी प्राणी को दुःख पहुंचे तो
  • ईश्वर की नज़र में हम भी आंतकवादी है .
  • ईश्वर नहीं चाहता के उसके बनाये हुए किसी भी जीव को कोई कष्ट दे
  • ईश्वर के दरवार में हमें भी वही सजा मिलनी है जो इस जमीन में एक टेररिस्ट को मिलती है

मैं आप सबसे माफ़ी मांगना चाहता हु के मैंने आपका समय बर्बाद किया शायद मैं इस काबिल नहीं हूँ के आंतकवाद की परिभाषा बता सकूँ ,अगर आप में से किसी को आंतकवाद की परिभाषा मालूम हो जाये तो प्लीज कमेंट कर के जरूर बता दें ताकि हम अपने ज्ञान को अपडेट कर सके

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